लिखते हुए लगा होगा क्या वन लाइन मारी है. लेकिन ये लाइन पढ़कर कंफ्यूज़न हो रहा है कि ये किसी फिल्ममेकर की कही बात है या किसी ट्रोल की. मतलब आप एक महिला को एक अखबार से कंपेयर कर रहे हैं. उस लिखे का एक अर्थ ये भी है कि स्वरा भास्कर की कीमत तीन रूपये से भी कम की है. ऑडैसिटी देख रहे हैं. ये क्या तरीका है किसी से बात करने का. मतलब 2020 में, महिलाओं के मुद्दों पर गंभीर चर्चा के बीच भी, भाषा है कीमत लगाने वाली. औकात बताने वाली. फन फैक्ट- राज शांडिल्य वही शख्स हैं, जो 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल शर्मा' के जोक्स लिखते थे. कपिल शर्मा के शो में आई ऑडियंस के वजन, रंग, लुक, पेशा और तमाम तरह की बातों का मज़ाक बनाकर कॉमेडी की जाती थी. हम कहना ये चाहते हैं कि बिलकुल सतही और स्तरहीन जोक्स होते थे, जिसे लिखने का क्रेडिट जाता है राज को. अब उन्होंने टीवी छोड़ दिया और अब अपनी बीमार सोच फिल्मों के सहारे ऑडियंस तक पहुंचा रहे हैं. और अगर फिल्म नहीं है, तो सोशल मीडिया ही सही. जो लड़की कुछ गलत होने पर सरकार के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर सकती है, उसके लिए कोई फिल्ममेकर क्या चीज़ है. स्वरा ने राज की बातों का करारा जवाब देते हुए एक ट्वीट किया. इसमें वो लिखती हैं-''सस्ती चीज़ों पर ध्यान न दें. स्वरा भास्कर से महंगा दैनिक भास्कर बिकता है.''
अब इस बात पर माफी मांगने के अलावा कोई क्या ही जवाब देगा. लेकिन राज के पास इसका भी जवाब था. उन्होंने स्वरा की कही बातों को कोट करते हुए लिखा-''अगली बार रोल ऑफर करने और आपकी फिल्म के ट्रेलर को शेयर करने की रिक्वेस्ट वाले मैसेज भेजने के पहले आप भी 'सस्ती हरकतों' के बारे में थोड़ा सोच लेना! गुड लक राज सर.''
''मेरी बात यदि आपको ठीक नहीं लगी, तो दिल से माफ़ी. लेकिन एक गुज़ारिश आपसे भी है कि आप भी किसी के बारे में कुछ बोलने से पहले सोचा करें. चाहे वो देश हो लोग हों या फिर कोई व्यक्ति विशेष. रही बात मेरी तो अगली बार रोल ऑफर ज़रूर करूंगा, क्योंकि मुझे आपके एक्टर होने पे कोई आपत्ति नहीं.''मतलब इस आदमी ने माफी मांगते हुए भी बिन मांगी नसीहत दे डाली. और उस पर ढिठाई दिखाते हुए ये कहना कि मुझे आपके एक्टर होने से कोई आपत्ति नहीं है. आपके आपत्ति होने से किसी को क्या ही फर्क पड़ जाएगा. आप अपना काम करिए और दूसरों को उनका करने दीजिएगा. स्वरा ने वो नहीं कहा, जो सत्ताधारी पार्टी के बारे में आप सुनना चाहते थे. क्योंकि जो हो रहा है, वो आपको दिख नहीं रहा. इस बारे में आपसे स्वरा ने तो आकर नहीं कहा कि आप उनके नज़रिए का समर्थन करिए. न ही उन्होंने आपके नज़रिए को नीचा दिखाया, तो फिर आप ये कैसे कर सकते हैं.
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