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8 साल तक महिला को बंधक बनाने वाली BJP से निलंबित सीमा पात्रा गिरफ्तार, भागने की कोशिश में थीं!

BJP नेता के घर में काम करने वाली महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे जीभ से फर्श की सफाई कराई गई, पेशाब चटाया गया और रॉड से उनके दांत तोड़े गए थे.

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पीड़ित आदिवासी महिला सुनीता और बीजेपी की निलंबित नेता सीमा पात्रा (फोटो- आजतक)

आदिवासी महिला को बंधक बनाने और मारपीट के आरोप में बीजेपी की निलंबित नेता सीमा पात्रा को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. सीमा पात्रा पर आरोप है कि वो अपनी घरेलू सहायिका (डोमेस्टिक हेल्प) के साथ पिछले 8 सालों से अत्याचार कर रही थी. इससे पहले कल, 30 अगस्त को सीमा पात्रा को बीजेपी ने पार्टी से निलंबित करने का आदेश जारी किया था. पीड़िता, झारखंड के ही गुमला की एक विकलांग आदिवासी महिला है.

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आजतक से जुड़े सत्यजीत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा पात्रा के खिलाफ रांची के अरगोड़ा थाने में एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था. रांची पुलिस ने 31 अगस्त की सुबह 4 बजे सीमा को गिरफ्तार किया जब वो रांची से भागने की कोशिश कर रही थीं. 30 अगस्त को पीड़ित सुनीता ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाया. रिपोर्ट के मुताबिक तो सीमा पात्रा गिरफ्तारी के डर से फरार हो गई थीं. रांची पुलिस पिछले दो दिनों से उनकी तलाश में थी. कई जगहों पर छापेमारी भी की गई थी.

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज, 31 अगस्त को ही सीमा पात्रा को कोर्ट में पेश किया जाएगा. सीमा पात्रा BJP की महिला विंग की राष्ट्रीय कार्यसमिति की सदस्य थीं. साथ ही वो 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की राज्य संयोजक भी थीं. उनके पति महेश्वर पात्रा एक रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं. 

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महिला का दर्दनाक वीडियो

इस मामले में आदिवासी महिला का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वो अपने साथ हुए अत्याचार के बारे में बता रही हैं. सुनीता ने अपने बयान में कहा कि सीमा पात्रा के यहां बंधक बनाए जाने के दौरान उन्हें गरम तवे से कई जगहों पर दागा गया था. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे जीभ से फर्श की सफाई कराई गई, पेशाब चटाया गया और रॉड से उनके दांत तोड़े गए थे.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक सीमा पात्रा ने सुनीता को रांची के अशोक नगर स्थित घर में बंधक बनाया था. सुनीता को वहां से निकालने में मदद सीमा पात्रा के बेटे आयुष्मान ने ही की. आयुष्मान ने अपने दोस्त विवेक बस्के को इस बात की जानकारी दी थी कि उनकी मां, सुनीता को हर तरह से प्रताड़ित करती हैं. विवेक ने इसकी जानकारी रांची के जिलाधिकारी को दी. फिर पुलिस ने सुनीता को रेस्क्यू किया. मामला सामने आने के बाद सीमा ने कहा कि उन्होंने सुनीता के साथ ऐसा कुछ नहीं किया. सीमा पात्रा ने यहां तक कहा कि उनका बेटा आयुष्मान मानसिक रूप से बीमार है और उसने झूठे आरोप लगाए हैं.

NCW ने लिया संज्ञान

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सुनीता का वीडियो सामने आने के बाद सीमा पात्रा को गिरफ्तार करने की मांग की थी. NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा ने 30 अगस्त को झारखंड के डीजीपी को एक पत्र लिखा. महिल आयोग ने तय समयसीमा में निष्पक्ष तरीके से जांच और पीड़िता का बेहतर इलाज कराने की भी मांग की थी.

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