जब ये सब बवाल चल रहा था और हालात काबू से बाहर होते नजर आ रहे थे, उसी समय अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट किया. उसमें लिखा-
कृपया हमारी कैपिटल पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें. वो वाकई में हमारे देश के लिए ही काम कर रहे हैं. शांत रहिए!
अमेरिकी देशभक्तों- कानून, प्रशासन और सुरक्षा का अनादर स्वीकार नहीं किया जा सकता है. हिंसा तुरंत बंद की जानी चाहिए. कृपया शांति बनाए रखें.इस ट्वीट पर गौर किया आपने? इसमें कुछ ऐसा था कि इवांका ने कुछ ही देर बाद इसे डिलीट कर दिया. लेकिन तब तक इसका अकाईव लिंक जनरेट करके ट्वीट को सेव कर लिया गया. इसे आप यहां क्लिक
वो ट्वीट देखिए जिसे इवांका ने डिलीट कर दिया.
करके भी देख सकते हैं.
इवांका के इस ट्वीट पर अमेरिका ही नहीं, दुनियाभर के लोगों की आलोचनाएं आने लगीं. कई अमेरिकियों ने इस ट्वीट को लेकर इवांका को खूब खरी-खोटी सुनाई. CNN से जुड़े एक पत्रकार केट बेनेट ने इवांका को ट्वीट करके सवाल पूछा कि क्या आप इन लोगों को 'देशभक्त' कह रही हैं?
इस ट्वीट का जवाब देते हुए इवांका ने कहा-
नहीं. शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना देशभक्ति है. हिंसा किसी भी सूरत में मान्य नहीं है, और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए.
अमेरिका में 20 जनवरी को नए चुने गए राष्ट्रपति जो बाइडन को सत्ता संभालनी है. इससे ठीक पहले रिपब्लिकन पार्टी के नेता और मौजूदा राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के समर्थकों ने बवाल मचा दिया. वॉशिंगटन डीसी में मौजूद कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए. तोड़फोड़ की. भारतीय समयानुसार, ये हंगामा 6 जनवरी की रात शुरू हुआ. सुरक्षा एजेंसियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद हालात काबू किए. उसके बाद अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को समय से पहले कुर्सी से हटाने की प्रक्रिया पर विचार विमर्श शुरू कर दिया.
ताज़ा अपडेट ये है कि आगामी राष्ट्रपति जो बाइडन के इलेक्टोरल वोटों के आधार पर जीत की घोषणा कर दी गई है. इस पर ट्रंप ने भी कहा है कि भले ही मैं चुनावी नतीजों से पूरी तरह से असहमत हूं, लेकिन 20 जनवरी को जो बाइडन को सत्ता सौंपने के काम में रुकावट नहीं डालूंगा. माने 20 जनवरी को जो बाइडन राष्ट्रपति पद की शपथ का रास्ता साफ हो गया है.

























