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अमेरिका ने 907 किलो का बंकर बस्टर बम गिराया, ईरान का बारूद डिपो उड़ा, ट्रंप ने खुद शेयर किया वीडियो

Isfahan Blast: अमेरिका ने कथित तौर पर बंकर बस्टर बम (Bunker Buster Bombs) का इस्तेमाल किया. ये खास तरह के बम होते हैं, जिन्हें जमीन की बहुत गहराई में बने मजबूत ठिकानों को तबाह करने के लिए बनाए जाता है.

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ईरान में इस्फहान के बारूद डिपो पर हमला. (स्क्रीनग्रैब: truthsocial.com/@realDonaldTrump)

अमेरिका ने ईरान के इस्फहान में एक बारूद डिपो को उड़ा दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने खुद इसका वीडियो शेयर किया, जिसे देखकर धमाके की इंटेंसिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है. इस हमले में अमेरिका ने कथित तौर पर बंकर बस्टर बम (Bunker Buster Bombs) का इस्तेमाल किया. ये खास तरह के बम होते हैं, जिन्हें जमीन की बहुत गहराई में बने मजबूत ठिकानों को तबाह करने के लिए बनाए जाता है.

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अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जनरल ने अपनी रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया कि इस्फहान के बारूद डिपो पर 2 हजार पाउंड (करीब 907 किलोग्राम) के बंकर बस्टर बम से हमला किया गया. 30 मार्च को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी इस्फहान में एक अमेरिकी MQ9 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था. ईरानी सरकार से जुड़ी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज ने लिखा कि IRGC ने एडवांस्ड मॉडर्न डिफेंस सिस्टम और इंटीग्रेटेड नेटवर्क द्वारा इस्फहान के आसमान में एक MQ9 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके तबाह करने का ऐलान किया है.

इस्फहान का बारूद डिपो 

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डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इस्फहान के बारूद डिपो में विस्फोट का वीडियो शेयर किया है. पोस्ट में उन्होंने लिखा कुछ नहीं है, केवल वीडियो ही है. वीडियो में साफ दिखता है कि बारूद डिपो को कितने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा होगा. आग की लपटें और धुएं का गुबार आसमान पर छाया नजर आता है.

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डॉनल्ड ट्रंप का पोस्ट. (truthsocial.com/@realDonaldTrump)

इससे पहले 30 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके पावर प्लांट्स और तेल के कुएं उड़ाने की धमकी दी थी. ट्रंप ने पोस्ट में लिखा था,

“अगर इस जंग को खत्म करने के लिए जल्द से जल्द कोई डील नहीं होती है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुलने में और देरी होती है तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक प्लॉन्ट्स और तेल कुओं को उड़ा देगा.”

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डॉनल्ड ट्रंप ने ऐसे समय पर धमकी दी थी जब ईरान ने अमेरिका के 15-पॉइंट वाले पीस प्लान (Peace Plan) को ठुकरा दिया. ईरान का कहना है कि इसमें बेतूकी और नामुमकिन मांगें हैं. मगर ट्रंप की धौंस है कि हमसे डील करो वर्ना ईरान की पावर फैसिलिटी और डिसेलिनेशन प्लांट्स (जहां पानी साफ किया जाता है) पर हमला करेंगे.

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डॉनल्ड ट्रंप का पोस्ट. (truthsocial.com/@realDonaldTrump)

इन इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाना इंटरनेशनल लॉ के खिलाफ माना जा रहा है. इसे वॉर क्राइम में काउंट किया जाता है. लेकिन ट्रंप अपनी मंशा साफ कर चुके हैं. अब जानते हैं कि ट्रंप के इस स्टेटमेंट पर एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

रिपोर्ट में कतर में दोहा इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर लॉरेंट लैम्बर्ट बताते हैं,

“अगर इन वॉटर प्लांट्स पर हमले को एक सोची-समझी डिफेंस पॉलिसी की तरह इस्तेमाल किया जाता है, तो ये गैर-कानूनी है और इसे युद्ध अपराध माना जाएगा.”

 सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के एक्सपर्ट डेविड मिशेल ने कहा,

“वॉटर प्लांट्स पर मिलकर हमला करना तनाव को बढ़ाने वाला कदम होगा. इससे युद्ध और भयानक रूप ले सकता है.”

ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने बयान दिया,

“एनर्जी फैसिलिटी पर हमला करने से आम लोगों को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है. ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं.”

जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. ब्रह्मा चेलानी X पर लिखते हैं,

“ऐसा करके ट्रंप न केवल खतरे को बढ़ा रहे हैं, बल्कि ऐसे कदमों की ओर बढ़ रहे हैं जिसे वॉर क्राइम कहा जाता है… आम जनता को होने वाली परेशानियों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका मकसद ईरान को मजबूर करना है. या तो ईरान 15 प्लाइंट्स वाले अल्टीमेटम को माने या फिर बड़े स्तर पर जमीनी हमले के लिए तैयार रहे.”

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डॉ. ब्रह्मा चेलानी का पोस्ट. (X @Chellaney)

उन्होंने आगे लिखा,

"लेकिन, डराने-धमकाने और विनाश की कगार तक ले जाने वाली ये पॉलिसी उल्टा डॉनल्ड ट्रंप को नुकसान पहुंचा सकती है. ईरान के बिजली-पानी के सिस्टम पर हमले की धमकी देकर वे खाड़ी में अपने दोस्ताना देशों को भी खतरे में डाल रहे हैं, जो खुद साफ पानी के लिए डिसेलिनेशन प्लांट्स पर निर्भर हैं. क्योंकि अगर ईरान पलटवार करता है, तो सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं खाड़ी देशों को झेलना पड़ेगा.

ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर करने के बजाय, ऐसी धमकियां ईरान के इरादों को और भी मजबूत कर सकती हैं. इससे वहां की जनता एकजुट हो जाएगी क्योंकि वो इसे अपने अस्तित्व पर हमला मानेगी, और नतीजा ये होगा कि बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की रही-सही उम्मीदें भी खत्म हो जाएंगी."

यही बात देखने को भी मिल रही है. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की हालिया धमकी के बाद भी ईरान के हमले जारी हैं. 31 मार्च को कुवैत के अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने ‘अल-साल्मी’ नाम के ऑयल टैंकर पर ड्रोन अटैक किया है. ये टैंकर तेल से भरा था. क्रू मेंबर्स सेफ हैं.

वीडियो: ईरान ने जंग में अमेरिका की कमर तोड़ दी, अब और पैसा कहां से लाएंगे ट्रंप?

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