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पीस टॉक नहीं होगी? ईरान ने साफ़ कहा- 'धमकी की आड़ में कोई बातचीत नहीं'

Iran on Peace Talks: ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि धमकियों की आड़ में बातचीत नहीं होगी. ईरान का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकी के बाद आया है. तेहरान का कहना है कि अमेरिका लगातार अपनी शर्तें बदल रहा है और चाहता है कि ईरान सरेंडर कर दें, लेकिन ईरान ऐसा नहीं करेगा.

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ईरान ने कहा कि वो सरेंडर नहीं करेगा. (फोटो-इंडिया टुडे)

ईरान ने ‘पीस टॉक’ के दूसरे राउंड (Iran US 2nd Round Talks) में शामिल होने से इनकार कर दिया है. ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि धमकियों की आड़ में बातचीत नहीं होती. ईरान का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की धमकी के बाद आया है. तेहरान ने साफ किया कि वो बैठक में शामिल नहीं होगा. उसका कहना है कि अमेरिका लगातार अपनी शर्तें बदल रहा है और चाहता है कि ईरान सरेंडर कर दे. दूसरी तरफ अमेरिका ने ऐलान कर दिया है कि उनके प्रतिनिधि बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं.

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ईरान की संसद के स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने X पर पोस्ट में लिखा, 

‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर अमेरिकी घेराबंदी, ईरान-अमेरिका के बीच हुए सीजफायर का उल्लंघन है. प्रेसिडेंट ट्रंप चाहते हैं कि वो बातचीत को एक तरफा झुका दें और ईरान सरेंडर कर दे. लेकिन हम उन्हें ये बता देना चाहते हैं कि ईरान धमकियों की आड़ में कोई डील नहीं करेगा.’

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ईरान के टॉप नेगोशिएटर ने ये भी दावा किया कि बीते दो हफ़्तों में ईरान ने आगे जंग लड़ने की तैयारी कर ली है. अगर ज़रूरत पड़ी तो वे नए पत्ते खोल देंगे. इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी कहा कि ईरान किसी भी हाल में सरेंडर नहीं करेगा. X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, 

‘किसी को कमिटमेंट देने की पहली शर्त यही है कि आप उसपर टिके रहें. ईरान को पहले भी अमेरिका पर भरोसा नहीं था. और अब अमेरिका का दो तरफा अप्रोच चीज़ें और खराब कर रहा है. अमेरिका चाहता है कि ईरान सरेंडर कर दे, लेकिन ऐसा नहीं होगा.'

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अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी सीजफायर की डेडलाइन 22 अप्रैल को ख़त्म हो रही है. प्रेसिडेंट ट्रंप ने PBS न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि ‘अगर डील नहीं हुई तो ईरान पर बम बरसाए जाएंगे.’ उन्होंने इस्लामाबाद में होने वाली दूसरी बैठक का भी ज़िक्र किया. ट्रंप ने बताया कि अमेरिका इस बैठक में शामिल होगा, लेकिन उन्हें तेहरान की मौजूदगी पर संदेह है. 

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वहीं, ईरान के सीनियर अधिकारी इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि तेहरान ने अमेरिका के साथ सभी बातचीत को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है. साथ ही, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ एक बार फिर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. अमेरिका ने रविवार, 19 अप्रैल को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर ‘ब्लॉकेड’ के तहत ईरान के झंडे वाले एक जहाज को जब्त कर लिया था. ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इसके जवाब में ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला कर दिया था.

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