जर्मनी के एक गुरुद्वारे के अंदर रविवार, 19 अप्रैल को अचानक हिंसा भड़क उठी, जिसमें 11 लोग घायल हो गए. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया. वीडियो में दिख रहा है कि गुरुद्वारे के अंदर हमलावरों के पास चाकू, बंदूक, कृपाण, पेप्पर स्प्रे और मिर्ची स्प्रे है. लोग एक दूसरे पर पगड़ियां फेंक रहे हैं. हिंसा भड़कते ही गुरुद्वारे के अंदर भगदड़ मच गई. लोग अपनी जान बचाते हुए बाहर निकले. घटना के बाद 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
जर्मनी के गुरुद्वारे में हिंसा, कृपाण निकाले, गोली चली, 11 घायल, ये सब हुआ क्यों?
Germany Gurdwara Row: जर्मनी के एक गुरुद्वारे में दो गुटों के बीच हिंसा हुई, जिसमें 11 लोग घायल हो गए. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि हमलावरों के पास चाकू, बंदूक, कृपाण, पेप्पर स्प्रे और मिर्ची स्प्रे है. पगड़ियां हवा में उछाली जा रही हैं.


जर्मनी का नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया राज्य है. इस राज्य के मोअर्स शहर के गुरुद्वारा सिंह सभा में हिंसा हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ‘डोनेशन-बॉक्स’ को लेकर विवाद शुरू हुआ था. लेकिन पुलिस ने अभी तक घटना की वजह नहीं बताई है. इंडिया टुडे ने जर्मन अखबार के हवाले से लिखा कि गुरुद्वारे में कुछ ही दिन पहले चुनाव हुए थे. नए मैनेजमेंट को जगह दी गई थी. एक स्थानीय ने बताया कि नई कमिटी और पुरानी कमिटी के बीच विवाद है.
रिपोर्ट के मुताबिक़, पुरानी कमिटी के मेंबर्स मैनेजमेंट से निराश थे. लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था. विवाद गुरुद्वारा कमिटी के पैसे और मैनेजमेंट कंट्रोल को लेकर था. पुरानी कमिटी के मेंबर्स गुरुद्वारे पर फिर से अपना कंट्रोल चाहते थे. स्थानीय मीडिया के मुताबिक़, एक गुट ने पेप्पर स्प्रे का इस्तेमाल किया जिसके बाद सामने वाले पक्ष ने पिस्टल निकाल ली.
ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. सिख कम्युनिटी ने घटना की निंदा की और कुछ ने इसपर चिंता जताई. इंडिपेंडेंट पत्रकार रविंद्र सिंह रॉबिन ने लिखा,
‘सिख भाइयों को इस तरह से आपस में लड़ते हुए देखना बहुत दुखद है. कृपाण जो लोगों की सुरक्षा के लिए होते हैं, वो एक दूसरे पर चला रहे हैं. पगड़ियां उछाल रहे हैं. ये हमारी कम्युनिटी के लिए शर्म की बात है.’
एक और यूजर ने लिखा कि गुरुद्वारे के अंदर पगड़ी उछालना और कृपाण चलाना गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान है. कई यूजर ने लिखा कि ये सिख कम्युनिटी का अपमान है और ऐसी हिंसा गुरुद्वारे के अंदर बिलकुल बर्दाश्त नहीं है.
घटना की खबर मिलते ही पुलिस बल को फौरन तैनात किया गया. स्पेशल टास्क फोर्स (SEK) यूनिट समेत 100 पुलिस अधिकारियों ने गुरुद्वारे को घेरा और लोगों को बाहर निकाला. पुलिस ने गुरुद्वारे के अंदर से एक संदिग्ध को पकड़ा. बाकी आरोपी फरार हो चुके थे. गुरुद्वारे के अंदर बंदूक नहीं मिली, लेकिन पुलिस का मानना है कि गोली चली थी. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच चल रही है.
वीडियो: अफगानिस्तान गुरुद्वारा अटैक: ISIS-K ने ली हमले की ज़िम्मेदारी, कहा- सिखों और हिंदुओं को निशाना बनाया




















