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इजरायल पर ईरान का एक और बड़ा हमला, बैलिस्टिक मिसाइलों के धमाकों से थर्राया हाइफा शहर

यह अटैक हाइफा पर किया गया. इज़रायल ने दावा किया है कि एक मिसाइल मस्जिद के पास गिरी है.

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इज़रायल-ईरान संघर्ष शुरू हुए 8 दिन हो गए हैं. (Reuters)

ईरान ने इज़रायल पर एक बार फिर मिसाइलें दागी हैं. उसने इज़रायल के हाइफा शहर पर हमला किया है. दोनों देशों ने इस हमले की पुष्टि की है. इज़रायली विदेश मंत्रालय के सोशल मीडिया हैंडल पर बताया गया,

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ईरानी शासन ने हाइफ़ा शहर में बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की है. एक ऐसा शहर जहां यहूदी और अरब शांति से साथ-साथ रहते हैं. एक मिसाइल मस्जिद के बगल में गिरी. ईरानी शासन नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर रहा है, इस बात की परवाह किए बिना कि वे किसे मार रहे हैं.

इज़रायली मीडिया जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक 20 जून की शाम को इजरायल पर लगभग 20 से 25 बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले के बाद हाइफा में ईरानी मिसाइलों के हमले में कम से कम 31 लोग घायल हो गए. रिपोर्ट में बताया गया है कि घायलों में तीन की हालत गंभीर है. एक 16 वर्षीय लड़का जिसके शरीर के ऊपरी हिस्से में छर्रे लगे हैं और एक 54 वर्षीय व्यक्ति और एक 40 वर्षीय व्यक्ति के निचले अंगों में छर्रे लगे हैं. 14 लोगों को हालत हल्की चोटें आईं हैं.

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इस हमले के बाद ईरान ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में वीडियो शेयर किया है. ईरानी सेना ने बताया,

हमने अभी-अभी हाइफा में आतंकवादी ठिकाने पर बेहद सटीकता के साथ हमला किया है.

इज़रायल-ईरान संघर्ष का आज आठवां दिन है. दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष तब शुरू हुआ था जब 12-13 जून की रात इज़रायल ने अचानक एक बड़ा हवाई हमला किया जिसमें ईरानी सैन्य ठिकानों, वरिष्ठ अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया गया था. 

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19 जून को द हिंदू अखबार ने वॉशिंगटन स्थित एक ईरानी मानवाधिकार संगठन के हवाले से लिखा था कि ईरान में कम से कम 639 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 263 आम नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा 1,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वहीं इजरायली सरकार के मुताबिक ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन्स से कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

वीडियो: दुनियादारी: ईरान का साथ क्यों नहीं देते इस्लामी देश?

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