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पहले एस जयशंकर से बात, फिर ईरान के दिल्ली दूतावास ने बिना नाम लिए भारत को अमेरिका से चेताया

ईरानी दूतावास ने भारत का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों-इशारों में अमेरिकी आक्रमकता के खिलाफ भारत से मुखर सहयोग की अपेक्षा की है. ईरानी दूतावास का ये पोस्ट भारतीय विदेश मंत्री S Jaishankar और उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत के बाद आया है.

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की है. (इंडिया टुडे, फाइल फोटो)

ईरान की घेराबंदी के लिए अमेरिका ने उसके साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. भारत स्थित ईरानी दूतावास ने इस फैसले को एकतरफा कार्रवाई बताते हुए इशारों-इशारों में भारत को चेतावनी देने की कोशिश की है.

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दिल्ली स्थिति ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,

अमेरिका मौजूदा ग्लोबल सिस्टम के खिलाफ एकतरफा एक्शन ले रहा है. इसमें गलत तरीके से टैरिफ लगाना और 66 अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से बाहर निकलना शामिल है. अमेरिकी एक्शन पर देशों की चुप्पी और कोई एक्शन नहीं लेने से खतरे और ज्यादा बढ़ेंगे. ये नीतियां देर-सवेर सभी देशों को प्रभावित करेंगी. चाहे उनका आकार या आर्थिक ताकत कितनी भी हो.

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ईरानी दूतावास ने भारत का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों-इशारों में अमेरिकी आक्रामकता के खिलाफ भारत से मुखर सहयोग की अपेक्षा की है. 

ईरानी दूतावास का ये पोस्ट भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत के बाद आया है. एस जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट करके इस बातचीत की जानकारी दी. उन्होंने लिखा,

 ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया. हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की.

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ट्रंप के टैरिफ से भारत पर ज्यादा असर नहीं

भारत सरकार ने ईरान पर लगाए अमेरिका टैरिफ पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि इसका भारत पर सीमित असर पड़ेगा. बयान में कहा गया है कि ईरान के साथ सीमित व्यापारिक संबंधों और भारत के विविधता से भरे निर्यात संबंधों को देखते हुए इस कदम का भारत पर बहुत ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है.  

भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत और ईरान के बीच का द्विपक्षीय व्यापार कुल 1.68 अरब डॉलर (लगभग 13,400 करोड़) का था. भारत के व्यापारिक साझेदारों की लिस्ट में ईरान बहुत नीचे 63वें स्थान पर आता है. 

ट्रेड आंकड़ों के मुताबिक ईरान के मुकाबले तंजानिया, अंगोला, टोगो, मोजाम्बिक, सेनेगल और घाना जैसे देश भारत के साथ व्यापार के मामले में आगे हैं. भारतीय दूतावास के मुताबिक, भारत बासमती चावल, चाय, चीनी और दवाइयां निर्यात करता है. जबकि ईरान से सेब, पिस्ता, खजूर, कीवी और कांच के बर्तनों का आयात करता है. 

वीडियो: दुनियादारी: ईरान में फांसी के फंदे तैयार! ट्रंप को मौतों के आंकड़े नहीं मिल रहे

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