फिर ये विवाद चल ही रहा था कि पूर्व गृहमंत्री राम सेवक पैकरा के आवास में भी सैकड़ों फाइलें जलाने का वीडियो वायरल हो गया है. बताया जा रहा है कि इसमें डीजीपी से लेकर एसपी कार्यालय से जुड़ी गोपनीय फाइले हैं. और ये सब आवास खाली करने के दौरान किया गया. उस वक्त पैकरा भी वहां मौजूद थे. हालांकि पूर्व मंत्री इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं.

रमन सिंह की सरकार 15 साल बाद सत्ता से हटी है.
इंटेलिजेंस विभाग में मची है खलबली
इस खबर के लीक होने से खुफिया विभाग में खलबली मची हुई है. अधिकारियों को ये समझ नहीं आ रहा कि चुपचाप किए जा रहे इस काम का वीडियो कैसे बन गया. फिर इसे वायरल किसने किया. मामला 13 दिसंबर का है. करीब दो ट्रक फाइलों का जखीरा रायपुर स्थित अवंति विहार के खाली मैदान में ले जाया गया. फिर वहां सारी फाइलों को आग के हवाले कर दिया गया. इस मामले में बवाल इसलिए भी मचा है क्योंकि जो अफसर इन फाइलों को रद्दी बता रहे हैं, वो मौके पर आखिरी फाइल जलने तक खड़े रहे. पर अब कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है. जांच की बात कही जा रही है.
कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने इस घटना पर सवाल खड़े किए हैं. पूछा है कि सरकार के शपथ ग्रहण के कुछ दिन पहले दस्तावेजों को क्यों जलाया गया? शुक्ला ने पूछा कि दस्तावेज यदि गैर जरूरी थे तो उसको नष्ट करने का काम आने वाली सरकार करती? बिना परमिशन ये किया जाना संदेह पैदा करता है. वो बोले - कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है. सरकार बदलते ही दस्तावेजों को जलाने की हड़बड़ाहट क्यों? इन दस्तावेजों में ऐसा क्या था जिसके सबूत नष्ट करने में मंत्री और अधिकारी जुटे हुए हैं? आने वाली कांग्रेस सरकार बदले की भावना से कोई काम नहीं करेगी लेकिन जो लोग दोषी होंगे वे बच भी नहीं पाएंगे.
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