''ये देखकर बहुत आश्चर्य हो रहा है कि आपके अखबार में भारत सरकार के खिलाफ आधारहीन और बिना जांच किए खबरें प्रकाशित हो रही हैं. इस मामले में किसी सरकारी अथॉरिटी से चेक किए बिना गलत तरीके से आर्टिकल को पब्लिश किया गया है.''अखबार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी रैलियों और हरिद्वार के महाकुंभ को कोरोना वायरस के बढ़ने का कारण बताया गया. इस पर भी उच्चायोग ने बातें कहीं. हाई कमिशन ने कहा कि इस समय की स्थिति में ऐसे ही किसी को दोष देना सही नहीं. इन सभी बातों का जवाब देते हुए कमिशन ने अखबार पर निशाना साधा. इस लेटर में सरकार की वैक्सीनेशन ड्राइव से लेकर लॉकडाउन और लॉकडाउन में शुरू की गई योजनाओं के बारे में लिखा गया. साथ ही कहा गया कि इस महामारी के दौर में ''वैक्सीन मैत्री'' योजना के तहत कई देशों को वैक्सीन भिजवाई गई. जिससे दुनियाभर में लाखों लोगों का जीवन सुरक्षित हो पाया. उच्चायोग ने कहा कि इन सभी के बारे में 'द ऑस्ट्रेलियन अखबार' ने क्यों नहीं बताया? कमिशन का कहना है कि ऐसी खबरों का प्रकाशन लोगों को गलत जानकारी दे रहा है.
'मोदी भारत को प्रलय की ओर ले जा रहे'- हेडलाइन लगाने वाले अखबार को सरकार ने क्या जवाब दिया?
भारतीय दूतावास ने संपादक को लंबी-चौड़ी चिट्ठी भेजी है.
Advertisement

25 अप्रैल को 'द ऑस्ट्रेलिनय' अखबार में एक आर्टिकल पब्लिश हुआ. जिसमें मोदी सरकार की खूब आलोचना हुई.
कोरोना को लेकर दुनियाभर में हलचल है. इस हलचल का सबसे बड़ा शिकार बना है भारत. हर दिन लाखों में केस आ रहे हैं. भारत के हालात पर इंटरनैशनल मीडिया की नज़रें भी बनी हुई हैं. 'द ऑस्ट्रेलियन' अखबार ने भारत की स्थिति पर एक रिपोर्ट छापी. इसमें मोदी सरकार की खूब आलोचना हुई. अब सरकार ने इस आर्टिकल को गलत बताया है. इसके एडिटर को लंबी-चौड़ी चिट्ठी लिख डाली है. 25 अप्रैल को 'द ऑस्ट्रेलिनय' अखबार में एक आर्टिकल पब्लिश हुआ. जिसका टाइटल था, 'Modi leads India into viral apocalypse.' जिसका मतलब है कि 'मोदी भारत को 'वायरस जन्य' प्रलय की तरफ लेकर जा रहे हैं.' इस रिपोर्ट में भारत में हो रहे चुनावों और रैलियों में जुटी हज़ारों की भीड़ का जिक्र किया गया. कुंभ मेले में जुटे लाखों लोगों का जिक्र किया गया. एक्सपर्ट्स की सलाह को अनदेखा करने के आरोप भी सरकार पर लगाए गए हैं. साथ ही ऑक्सीजन और वैक्सीन की कमी को लेकर भारत सरकार की आलोचना की गई. इसी मामले में भारतीय दूतावास ने 'द ऑस्ट्रेलियन' के एडिटर इन चीफ क्रिस्टोफर डोर को चिट्ठी लिखी है. जिसमें बताया कि ये सारी जानकारी गलत और आधारहीन है. साथ ही जवाब मांगते हुए ये भी कहा कि अब अखबार इसका एक प्रत्युत्तर भी प्रकाशित करे. लोगों को बताए कि इंडिया में कोरोना को खत्म करने के लिए कैसे-कैसे कदम उठाये जा रहे हैं. लेटर में क्या लिखा है,
इस लेटर पर अभी तक अखबार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है. भारत में कोरोना के मामलों की बात करें तो आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना के 3 लाख 23 हज़ार 144 नए केस दर्ज किए गए. जबकि 2,771 लोगों ने कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा दी. वहीं महाराष्ट्र में कोरोना के 48,700 और उत्तर प्रदेश में 33,351 नए केस दर्ज किए गए.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement











.webp?width=275)

.webp?width=275)
.webp?width=120)
.webp?width=120)
.webp?width=120)



