कमजोर नीना हालत के कारण हम इस साल और अधिक ठंड की उम्मीद कर सकते हैं. भारत में मौसम के रुख को तय करने में 'अल नीनो' और 'ला नीना' की स्थिति एक प्रमुख भूमिका निभाती है. 'ला नीना' की स्थिति शीतलहर के लिए अनुकूल है, जबकि 'अल नीनो' की स्थिति इसके लिए प्रतिकूल होती है.महापात्र ने कहा कि ठंड की वजह से सबसे ज्यादा मौतें राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में होती हैं. उन्होंने कहा कि हर साल नवंबर में मौसम विभाग आधिकारिक तौर पर सर्दियों का पूर्वानुमान जारी करता है.
अबकी बार कड़ाके की सर्दी पड़ेगी, मौसम विभाग ने चेता दिया है!
'ला नीना' का सर्दी पर क्या असर होता है, ये भी समझ लीजिए.
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मौसम विभाग का कहना है कि इस बार सर्दी अधिक पड़ेगी. (सांकेतिक फोटो-पीटीआई)
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, IMD ने बुधवार, 14 अक्टूबर को कहा कि इस साल सर्दी अधिक पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस बार पहले के मुकाबले अधिक सर्दी पड़ेगी. इसका मुख्य कारण 'ला नीना' कंडिशन है. महापात्रा ने कहा,
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