मेलबर्न टेस्ट का तीसरा दिन. और इससे ज्यादा रोमांचक दिन और नहीं हो सकता था. मजा आ गया. पहले इंडिया की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने अपनी सटीक और धारदार गेंदों से ऑस्ट्रेलिया को नचाया. फिर इंडिया ने कंगारुओं को फॉलो ऑन न देकर कुछ और रन स्कोर में जोड़ने के लालच में खुद अपने विकेट थाली में सजाकर पैट कमिंस को दे दिए. कुल मिलाकर दिन के आखिर तक इंडिया ने 346 रनों की लीड ले ली है. मगर जिस तरीके से दिन भर में 15 विकेट गिरे, वो इस पिच को और मिस्टीरियस बना रहे हैं. अगले दो दिनों में क्या होगा ये तो देखा जाएगा. मगर सबसे पहले ये जान लीजिए कि मैच के तीसरे दिन क्या क्या हुआ. और कड़ी में सबसे पहला नाम आता है अपने जसप्रीत बुमराह का. बुमराह ने ऑस्ट्रेलियाई बैटिंग को जो बिखेरा, फिर वो संभल ही नहीं पाई और 151 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई. बुमराह की अझेल यॉर्कर्स के साथ साथ इन-स्विंग और आउट-स्विंग पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज गच्चा खाते दिखे. दूसरे दिन के अपने 8/0 के स्कोर के आगे खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट 24 के स्कोर पर गिरा. फिंच को इशांत शर्मा ने मयंक अग्रवाल के हाथों कैच करवाया. उसे बाद बुमराह ने मारकस हैरिस को इशांत शर्मा के हाथों कैच करवा दिया. स्कोर 36/2 हो गया. उस्मान ख्वाज़ा को जडेजा ने अपनी फिरकी में फंसाया और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 53/3 हो गया.

मगर इसके बाद बुमराह ने जो किया, वो इस बॉलर के एक साल के करियर की सबसे शानदार हाइलाइट के तौर पर याद रखा जाएगा. बुमराह ने लेफ्टहैंडर शॉन मार्श को एक स्लोअर यॉर्कर डाली जिसे वो पढ़ नहीं पाए और गेंद उनके लेफ्ट पैड पर लगी. वैसे बुमराह 140 से ऊपर की रफ्तार से गेंद फेंकते हैं, मगर यहां बुमराह की स्पीड 113 की थी. मार्श को समझ नहीं आया कि ये हुआ क्या. अंपायर के पास भी उंगली उठाने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं था. ये सच में अद्भुत गेंद थी. ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 89/4 हो गया. ऑस्ट्रेलिया पर ये पहाड़ गिरने जैसा था. मगर बुमराह यहां रुकने वाले नहीं थे. कुछ ही देर में बुमराह ने ट्रेविस हेड को बोल्ड मार दिया और ऑस्ट्रेलिया घुटनों पर आ गई. ये बुमराह का तीसरा विकेट था. इसके बाद टिम पेन को 22 के स्कोर और नेथन लायन और जोश हेजलवुड बिना किसी रन को वापस भेज दिया. बुमराह ने 15.5 ओवरों में 4 मेडन के साथ 33 रन देकर 6 विकेट लिए. बुमराह के अलावा जडेजा ने 2 और इशांत-शमी ने एक एक विकेट लिए. बुमराह ने इसी साल यानी 5 जनवरी 2018 को अपना टेस्ट करियर शुरू किया था और साल भर में बुमराह ने 45 विकेट ले लिए हैं. अभी दूसरी पारी बाकी है और बुमराह अपने इस आंकड़े को 50 पार भी ले जा सकते हैं. ये किसी भी गेंदबाज द्वारा अपने डेब्यू ईयर में लिए सबसे ज्यादा विकेट हैं. बुमराह से पहले ये रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के कर्टली अंब्रोस (1988) और ऑस्ट्रेलिया के टेरी एल्डरमैन (1981) के नाम रहा है. दोनों ने करियर के पहले साल 42-42 विकेट लिए थे. साथ ही अब बुमराह के नाम एक गजब का कीर्तिमान ये भी है कि इस फास्टबॉलर ने अपने पहले ही साल में साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में पारी में 5 या ज्यादा विकेट ले लिए हैं. बुमराह ने 6 विकेट लेकर अपना काम कर दिया. मगर 292 रनों की लीड मिलने के बाद भी विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन नहीं दिया. इंडियन ओपनर्स फिर से बल्ला लेकर मैदान पर थे. कोहली के दिमाग में ये चल रहा था कि अभी मैच में करीब 2.5 दिन बचे हैं और अगर 100 रन और जोड़ लें तो ऑस्ट्रेलिया को चौथी पारी में आसानी से दबोचा जा सकेगा. साथ ही अपने बॉलरों को भी थोड़ा रेस्ट मिल जाएगा. मगर यहां इंडियन बल्लेबाजों ने इसे हल्के में ले लिया और पैट कमिन्स को थाली में सजाकर 4 विकेट दे दिए.

इंडिया का स्कोर 28/0 था. फिर हनुमा विहारी ने उस्मान ख्वाज़ा को कैच प्रैक्टिस करवाई. फिर पुजारा ने आते ही चौथा गियर लगाने की कोशिश की और शॉर्ट लेग पर हैरिस के हाथों कैच आउट हो गए. वो भी अंडा बनाकर. फिर कोहली आए कमिंस की ही गेंद पर हैरिस के हाथों उसी जगह आउट हुए जहां पुजारा हुए थे. कोहली के नाम के आगे भी 0 था. इंडिया का स्कोर 28/0 से 28/3 हो गया. फिर रहाणे आए और कमिंस की ही गेंद पर टिम पेन को कैच थमा बैठे. इंडिया का स्कोर 32/4 हो गया. पैट कमिंस ने 7 गेंदों पर 4 विकेट ले लिए. कोहली और रहाणे को दो गेंदों पर आउट करके वो हैट्रिक पर थे. मगर रोहित शर्मा ने हैट्रिक नहीं होने दी मगर बाद में रोहित भी 5 रन बनाकर हेजलवुज का शिकार हो गए और इंडिया ने 44 पर 5 विकेट खो दिया.
तीसरे दिन के स्टंप्स तक इंडिया का स्कोर 54/5 है और इंडिया को 346 रनों की बढ़त है. अब मैच में दो दिन बचे हैं मगर रेन फॉरकास्ट यानी बारिश की संभावनाएं भी हैं. कल 60 फीसदी चांस हैं कि बारिश होगी और मैच के पांचवें दिन 80 फीसदी चांस बारिश के हैं. ऐसे में इंडिया को कम से कम 100 रन और स्कोर में जोड़ने हैं और फिर 10 विकेट भी लेने हैं. अब कोहली ने ये सब देखते हुए फॉलोऑन न देने का फैसला क्यों किया ये तो वो खुद ही बताएंगे साथ ही ये फैसला इंडिया के फेवर में काम करता है या नहीं, ये अब मैच के चौथे दिन पता चलेगा.