सीएम हाउस की सुरक्षा के लिए तीन जिलों से स्निपर डॉग मंगाए गए हैं.
मध्य प्रदेश. 15 साल बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी है. नई सरकार बनने के बाद से ही तबादलों का दौर जारी है. कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं. लेकिन इस बार एक ऐसा तबादला हुआ है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. खोजी कुत्तों का तबादला. कमलनाथ सरकार ने 23वीं वाहनी विशेष सशस्त्र बल में 46 डॉग हैंडलर के ट्रांसफर का आदेश जारी किया है. डॉग हैंडलर्स को उनके डॉग के साथ ट्रांसफर किया गया है. कुत्तों के ट्रांसफर की खबर आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विजेश लुणावत ने ट्वीट किया,
भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं रामेश्वर शर्मा. ट्रांसफर की खबर आने के बाद उन्होंने ट्वीट किया,
सीएम कमलनाथ छिंदवाड़ा से हैं. लंबे समय तक यहां से सांसद रहे हैं. सीएम आवास की सुरक्षा के लिए उनके गृह जिले से डॉग लाया गया है. सीएम के बंगले की रखवाली अब डफी, रेणु और सिकंदर करेंगे. तीनों स्निफर डॉग हैं. तीनों डॉग अलग-अलग जिले में थे. डफी को छिंदवाड़ा से, रेणु को बैतूल से और सिकंदर को होशांगाबाद से भोपाल लाया गया है. अब तक मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में तैनात रीमा और जया को हटा दिया गया है. दोनों की उम्र साढ़े आठ साल हो चुकी थी. एसएएफ 23वीं बटालियन के कमांडेंट सिमाला प्रसाद का कहना है-
सीएम आवास पर जिन तीन स्निफर डॉग की पोस्टिंग की गई है, वे सबसे बेस्ट हैं. इनमें बम सूंघने की क्षमता बेहतर है. अब तक ये बम स्क्वाड दस्ते के साथ ड्यूटी कर रहे थे.
हाल ही में रीवा में प्रशासन ने सचिव की जगह सरपंच का ही ट्रांसफर कर दिया था. इसके बाद सरकार की खूब आलोचना हुई. पंचायती राज मंत्री कमलेश्वर पटेल का कहना है-
इस मामले में सरकार के स्तर पर कोई गलती नहीं हुई है. जांच के आदेश दिए गए हैं. जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
बता दें कि रीवा में शिवपुरवा ग्राम पंचायत की प्रभारी विभा द्विवेदी की जगह गांव के सरपंच बिहारीलाल पटेल का ट्रांसफर कर दिया गया था. मॉनसून सत्र के दौरान सदन में इस मामले का खुलासा हुआ. इसके बाद सरकार की किरकिरी हुई थी.
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