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कानपुर में ऐसे शुरु हुआ था पूरा बवाल, पुलिस ने मास्टरमाइंड 'जफर हाशमी' को अरेस्ट किया

दावा किया जा रहा है कि जफर हाशमी ही पूरी हिंसा का मुख्य आरोपी है. जफर पर हिंसा फैलाने और लोगों को भड़काने का आरोप है. जफर से पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी CAA-NRC प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में भी जफर का नाम आ चुका है.

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कानपुर में हिंसा के दौरान की पुरानी तस्वीर.

कानपुर में 3 जून को बवाल के बाद आज आरोपियों की धरपकड़ जारी है. हिंसा के कथित मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल और मोहम्मद सूफियान को भी गिरफ्तार किया गया. ये सभी मौलाना जौहर अली फैन्स एसोसिएशन से जुड़े हैं. कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने कहा कि इन सभी की PFI से कथित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इन पर NSA और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और इनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी.

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कौन है हयात जफर हाशमी?

दावा किया जा रहा है कि जफर हाशमी ही पूरी हिंसा का मुख्य आरोपी है. जफर पर हिंसा फैलाने और लोगों को भड़काने का आरोप है. जफर से पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी CAA-NRC प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में भी जफर का नाम आ चुका है.

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इंडिया टुडे से जुड़े संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस समय हिंसा भड़की थी उस समय जफर फेसबुक के जरिए लोगों से विरोध के लिए इकट्ठा होने को कह रहा था.

कानपुर में कल क्या हुआ था?

कानपुर में बहस से शुरू हुआ विवाद दो समुदायों के बीच टकराव का कारण बन गया. बवाल की शुरुआत यतीमखाना इलाके से हुई. बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में एक समुदाय के लोगों ने बाजार बंद करने का अभियान चलाया. इसे लेकर बहस के बाद टकराव की स्थिति पैदा हो गई और फिर पत्थरबाजी शुरू हो गई. बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थिति बेकाबू हो गई थी. दुकानें बंद हो चुकी थीं. कई गाड़ियां तोड़ी जा चुकी थीं और सड़क पर पत्थर पसरे पड़े थे.

बताया जा रहा है कि पत्थरबाजी में कई पुलिसवाले भी घायल हुए हैं. आजतक की खबर के मुताबिक, जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दंगाइयों को खदेड़ना शुरू किया, तो उन्होंने पुलिस को ही निशाना बना लिया. दंगाई आस पास की गलियों में घुस गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद आसपास के थानों की पुलिस ने भी मोर्चा संभाला.

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दोनों पक्षों ने क्या?

एक पक्ष का कहना है कि वो शांति से जुलूस निकाल रहे थे. अचानक से उनपर पत्थरबाजी शुरू हो गई. इस पक्ष के लोगों का कहना है कि उन्होंने किसी से दुकानें बंद करने के लिए नहीं कहा था. जिसने भी दुकान बंद की, अपनी मर्जी से की. इनका कहना है कि जुलूस में बच्चे भी शामिल थे और बच्चों पर भी पत्थर बरसाए गए.

वहीं दूसरे पक्ष का दावा है कि परेड चौक के पास जुलूस निकाला जा रहा था. तभी लोगों से दुकानें बंद करने को कही गईं. इनका दावा है कि जब उन्होंने दुकानें बंद करने से मना कर दिया, तो उनके ऊपर पत्थरबाजी शूरू हो गई. लोगों का दावा है कि अगर पुलिस समय पर नहीं आती, तो पत्थरबाजी करने वाले पूरे इलाके पर कब्जा कर लेते.

फिलहाल क्या है स्थिति?

आजतक की खबर के मुताबिक, अबतक 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 40 से ज्यादा लोगों पर नामजद FIR दर्ज हुई. जबकि करीब 1000 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. बेकनगंज इलाके में फिलहाल पुलिस बल की तैनाती है. बताया जा रहा है कि देर रात तक हिंसा पर काबू पा लिया गया था और स्थिति सामान्य हो गई थी. खबर के मुताबिक देर रात कानपुर डीएम, पुलिस कमिश्नर ने भारी फोर्स के साथ हिंसा प्रभावित इलाके में फ्लैग मार्च किया.

वीडियो: पीएम मोदी और राष्ट्रपित के कानपुर दौरे के बीच दो समुदायों के बीच पथराव के वीडियो वायरल हो गए

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