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होर्मुज में डिजिटल समुद्री लुटेरे हुए एक्टिव, फर्जी मेसेज के जरिए शिपिंग कंपनियों संग ठगी

मारिस्क्स ग्रीस की समुद्री खतरों से आगाह करने वाली एक फर्म है, जिसने शिपिंग कंपनियों को डिजिटल समुद्री लुटेरों से सावधान किया है.

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होर्मुज में एक्टिव हुए डिजिटल पायरेट्स. (फोटो- India today)

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  • होर्मुज जल मार्ग में फंसे जहाजों को डिजिटल समुद्री लुटेरों द्वारा फर्जी क्लियरेंस फीस का लालच देकर धोखा देने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान मांगा जा रहा है।
  • ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव और होर्मुज पर आधिकारिक शुल्क लगाने के कारण जहाजों के फंसने की स्थिति बनी है, जिससे डिजिटल पायरेट्स इस अवसर का फायदा उठाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं।
  • मारिस्क्स ने चेतावनी दी है कि इस तरह की धोखाधड़ी से कोई कम से कम एक जहाज प्रभावित हो चुका है, जिससे जहाज चालक दल के लिए सुरक्षा और संचालन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

होर्मुज (Strait of Hormuz) की ‘आपदा’ को ‘अवसर’ बनाने वाले डिजिटल पायरेट्स एक्टिव हो गए हैं. यानी समुद्र में फंसे हजारों नाविकों और सैकड़ों जहाजों को सिर्फ ईरान-अमेरिका की जंग से खतरा नहीं है. नए तरह के समुद्री लुटेरे भी घात लगाकर उन्हें लूटने की फिराक में बैठे हैं. ग्रीस की कंपनी MARISKS ने जहाज कंपनियों को चेतावनी दी है कि ईरानी अधिकरियों की ओर से कुछ ऐसे मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिनमें पैसे देकर जहाज को होर्मुज से सुरक्षित निकालने का दावा किया जा रहा है. 

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मारिस्क्स ग्रीस की समुद्री खतरों से आगाह करने वाली एक फर्म है, जिसने शिपिंग कंपनियों को डिजिटल समुद्री लुटेरों से सावधान किया है. रॉयटर्स के हवाले से टीओआई की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि समुद्री ठग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्गों में से एक होर्मुज में फंसे जहाजों को मैसेज भेज रहे हैं. संदेश में कहा जा रहा है कि अगर वो Bitcoin या Tether (USDT) में ‘क्लियरेंस फीस’ दे दें तो उन्हें इस बंद रास्ते से निकलने दिया जाएगा. मारिस्क्स ने बताया कि ये स्पेशल मैसेज एक घोटाला है. ये ऐसे दिखते हैं जैसे ईरान के अधिकारियों की तरफ से आए हों लेकिन असल में डिजिटल पायरेट्स मौके का फायदा उठाकर शिपिंग कंपनियों को धोखा दे रहे हैं. 

इन संदेशों में जहाज संचालकों से डॉक्युमेंट्स मांगे जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि उन्हें देखने के बाद ही उनकी फीस तय की जा सकेगी, जिसे क्रिप्टोकरेंसी (बीटीसी या यूएसडीटी) में देना होगा. इसके बाद ही जहाज को बिना किसी रुकावट के होर्मुज से गुजरने दिया जाएगा. 

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मारिस्कस ने बताया कि उसका मानना है कि शनिवार 18 अप्रैल को कम से कम एक जहाज इस धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है. इस जहाज के क्रू को लगा कि ‘फेक फीस’ देकर उसने रास्ता क्लियर करा लिया है लेकिन होर्मुज से निकलने की कोशिश में उस पर गोलीबारी हो गई. 

समुद्र में ठगी के इस नए तरीके ने होर्मुज में फंसे हजारों लोगों को खतरे में डाल रखा है. इस समय करीब 20 हजार नाविक और सैकड़ों जहाज होर्मुज इलाके में फंसे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच जंग थम ही नहीं रही है. अच्छी बात ये है कि दोनों देश इसे खत्म करने के लिए बातचीत में लगे हैं. सीजफायर भी लागू है लेकिन इस बीच होर्मुज से निकलने के लिए ईरान ने जहाजों पर आधिकारिक फीस लगा रखी है. मारिस्क ने चेतावनी दी है कि डिजिटल पायरेट्स इसी का फायदा उठाकर शिपिंग कंपनियों को ठगने में लगे हैं.

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