एक RTI में सरकार से उन देशों की लिस्ट मांगी गई जिनके झंडे भारत में फहराने पर बैन लगा है. साथ ही उन विदेशी स्पोर्ट्स टीमों या खिलाड़ियों की भी लिस्ट मांगी गई जिनके जयकारे भारत में नहीं लगाए जा सकते. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जवाब में केंद्र सरकार ने मामले में किसी तरह की जानकारी नहीं होने की बात कही है. रिपोर्ट के मुताबिक बठिंडा के RTI कार्यकर्ता हरमिलाप ग्रेवाल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) से ये दोनों लिस्ट मांगी थीं.
सैकड़ों हो गए गिरफ्तार, लेकिन सरकार को नहीं पता कौन सा विदेशी झंडा फहराना गुनाह? RTI से खुलासा
एक RTI के जवाब में गृह मंत्रालय ने ये भी कहा कि किस विदेशी टीम के जयकारे नहीं लगा सकते, उसे नहीं पता


ये मामला भारत में विदेशी झंड़ा फहराने को लेकर हुई गिरफ्तारियों से जुड़ा है. सरकार से जानकारी मांगने का कारण बताते हुए हरमिलाप ग्रेवाल ने बताया,
एक क्रिकेट मैच के लाइव टेलीकास्ट के दौरान पाकिस्तानी झंडे फहराने के लिए पूरे भारत में छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे. जिसके बाद मैंने यह RTI दाखिल की. पिछले साल अक्टूबर में टी 20 विश्व कप क्रिकेट मैच में भारत पर पाकिस्तान की जीत का कथित तौर पर जश्न मनाने के लिए उत्तर प्रदेश में कश्मीरी छात्रों और अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह के तहत मामला दर्ज किया गया था और उन्हें गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने आगे कहा,
केंद्र ने जवाब में क्या कहा?अगस्त 2020 में मध्य प्रदेश के फारुख खान को देवास जिले में अपने घर पर पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज कथित रूप से फहराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
हरमिलाप ग्रेवाल की RTI पर MHA ने जवाब देते हुए कहा,
यह सूचना मुख्य जन सूचना अधिकारी के पास उपलब्ध नहीं है. ये जानकारी विदेश मंत्रालय के पास उपलब्ध हो सकती है. इसलिए RTI एक्ट, 2005 की धारा 6(3) के तहत आपका आवेदन भरत कुमार कुथाटी, निदेशक मुख्य जन सूचना अधिकारी विदेश मंत्रालय को ट्रांसफर किया जा रहा है.
इसी तरह MHA ने स्पोर्ट्स की विदेशी टीमों या खिलाड़ियों से जुड़े आवेदन को युवा मामले और खेल मंत्रालय के पास ट्रांसफर कर दिया है.
हरमिलाप ग्रेवाल का क्या रुख?हरमिलाप ग्रेवाल ने केंद्र के जवाब पर कहा,
अगर गृह मंत्रालय के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है तो गृह विभाग के तहत काम करने वाली पुलिस छात्रों पर कथित तौर पर विदेशी झंडा फहराने और विदेशी टीमों का समर्थन करने के लिए मामला कैसे दर्ज कर रही है.
ग्रेवाल ने कहा कि ऐसे कई मामले हैं जहां विदेशी झंडा फहराने या विदेशी टीमों को चीयर करने के आरोप में लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गृह मंत्रालय की ओर से आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. ग्रेवाल को उम्मीद है इससे मामलों में आरोपी लोगों को को मदद मिलेगी.






















