जुमे का दिन इंडो-तिबतन बॉर्डर पर तैनात फौजियों के लिए बढ़िया रहा. बड़ी मुसीबतों से सरहद की रक्षा करने वालों का हौसला गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बढ़ाया. वहां दी गई स्पीच में फौजियों की सहूलियत के लिए सरकार की तरफ से तमाम योजनाओं का जिक्र किया. उन्हीं में से एक था 'हाई ऐल्टीट्यूड मेडल.' ये मेडल 9 हजार फीट की ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को दिया जाएगा. और ये मेडल सारी फोर्सेज को मिलेगा बिना भेदभाव के. चाहे BSF हो या ITBP. लेकिन इस मामले में कॉन्सपिरेसी हो गई है. कुछ लोग बता रहे हैं कि ये मेडल तो बहुत पहले से मिल रहा है. इसमें नया क्या है. पहले तो लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग का ट्वीट देखो. वो आर्मी के हैं इसलिए भरोसेमंद रहेगा ये.

कुछ लोगों ने उनको करेक्ट करने की कोशिश की. बताया कि पहले ये 9 हजार फीट नहीं था. या सारी फोर्सेज को नहीं मिलता था. उस पर भी पनाग ने जवाब दिया. पढ़ो.

एकाध और लोगों ने भी क्लेम किया है.

ये कहा जा रहा है कि ये मेडल सन 1986 से मिल रहा है. इसको 'उच्च तुंगता' मेडल कहते हैं. फिर सोशल मीडिया पर इसको जुमला कहकर खिल्ली भी उड़ाई जा रही है.
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