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80 हजार लोगों की इजाजत, टेंट लगवाया 60 हजार के लिए, आए ढाई लाख, ऐसे हुआ हाथरस हादसा

Hathras Stampede: सत्संग के लिए टेंट लगाने वाले शख्स का कहना है कि कमिटी ने 80 हजार लोगों की परमिशन ली थी, लेकिन सत्संग में सिर्फ 60 हजार लोगों की क्षमता वाला टेंट लगवाया था. वहीं ढाई लाख लोगों की भीड़ जुटा ली गई थी.

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हाथरस में 2 जुलाई को सूरजपाल उर्फ 'भोले बाबा' का सत्संग हुआ था. इस दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी. (फाइल फोटो: PTI)
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संतोष शर्मा

हाथरस में सूरजपाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि उर्फ 'भोले बाबा' के सत्संग के दौरान हुए हादसे पर एक और खुलासा हुआ है. पूरे कार्यक्रम के लिए जिस व्यक्ति ने टेंट लगाया था, उसका कहना है कि सत्संग कराने वाली कमिटी ने लोगों की संख्या की तुलना में बेहद कम क्षमता वाला टेंट लगवाया था. आजतक के संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक हाथरस में नारायण साकार हरि के सत्संग के लिए टेंट लगाने वाले राज कपूर ने कार्यक्रम स्थल पर हुई बदइंतजामी का हाल सुनाया है.

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60 हजार की क्षमता वाले टेंट तले ढाई लाख लोग!

टेंट मालिक राज कपूर का कहना है कि सत्संग आयोजित कराने वाली कमिटी ने 80 हजार लोगों की परमिशन ली थी, लेकिन सत्संग में टेंट सिर्फ 60 हजार लोगों की क्षमता का लगवाया था. इतना ही नहीं, कम क्षमता का टेंट लगवाने के बावजूद ढाई लाख लोगों की भीड़ जुटा ली गई थी. 

ये भी पढ़ें- हाथरस में भगदड़ के बाद पहली बार सामने आए नारायण साकार हरि, 121 लोगों की मौत पर क्या कहा?

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टेंट मालिक ने बताया कि उन्होंने 300 फीट लंबा और 300 फीट चौड़ा टेंट लगाया था. इसका ठेका 4 लाख 70 हजार रुपये में दिया गया था. अभी तक 1 लाख 70 हजार रुपये का पेमेंट नहीं हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक राज कपूर ने कहा कि सूरजपाल ने हर जिले के लिए अलग-अलग कमिटी बना रखी है. 

लोगों को पंडाल में मोबाइल ले जाना मना था

हर आयोजन का मैनेजमेंट और पेमेंट कमिटी ही करती है. टेंट मालिक ने बताया कि सत्संग के दौरान पंडाल में मोबाइल ले जाने पर पाबंदी रहती थी. लोग कार्यक्रम का वीडियो भी नहीं बना सकते थे. अगर कोई वीडियो बनाता, तो सेवादार सख्ती दिखाते थे.

बता दें कि हाथरस में 2 जुलाई को सूरजपाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि उर्फ 'भोले बाबा' का सत्संग हुआ था. इस दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए देवप्रकाश मधुकर को हिरासत में ले लिया गया है. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी देवप्रकाश मधुकर घटना के बाद दिल्ली भाग गया था. यूपी पुलिस ने शुक्रवार, 5 जुलाई की देर रात मधुकर को अपनी हिरासत में लिया.

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वीडियो: हाथरस में पुलिस जांच से पहले वकील ने बाबा और सेवादारों के बारे में क्या बताया?

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