हाथरस केस: CBI ने चार्जशीट में माना, दलित के साथ पहले गैंगरेप हुआ था, फिर हत्या की गई
CBI ने चारों को आरोपी बनाते हुए इसका आधार भी बताया है
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ये तस्वीर 30 सितम्बर की है. यूपी पुलिस पर हाथरस रेप पीड़िता का गुपचुप तरीक़े से अंतिम संस्कार करने का आरोप लगा था.
हाथरस केस. दलित लड़की से कथित गैंगरेप और हत्या के मामले में CBI ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. जांच एजेंसी ने चारों आरोपियों पर गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाया है. 22 सितंबर को दिए लड़की के मृत्युपूर्व बयान को आधार मानते हुए चारों को आरोपी बनाया गया है. इनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत भी आरोप लगाए हैं. CBI ने शुक्रवार, 18 दिसंबर को हाथरस के कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. आरोपियों के वकील मुन्ना सिंह पुंढीर ने कहा कि चारों आरोपियों- संदीप, लवकुश, रवि और रामू के ऊपर रेप और हत्या का आरोप लगाया गया है. हाथरस के एक गांव की 19 बरस की लड़की 14 सितंबर को कथित तौर पर गैंगरेप का शिकार हुई. अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चला. घटना के 15 दिन बाद उसकी मौत दिल्ली के अस्पताल में हो गई. लड़की की मौत के बाद रात में ही उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. परिवार वालों का कहना है कि उनकी मर्ज़ी के बिना पुलिस ने ज़बरन दाह संस्कार किया. इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़का. पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन हुए. दलित लड़की के कथित गैंगरेप और हत्या की घटना से ‘हैरान’ होकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ की बेंच ने 1 अक्टूबर को यूपी के उच्च अधिकारियों को समन भेजा. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. इस केस को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए थे. मामले में कई ट्विस्ट भी आए. यूपी पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि पीड़िता के साथ गैंगरेप नहीं हुआ. यूपी पुलिस के इस बयान के बाद कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार भी लगाई थी. बाद में, इस मामले की जांच के लिए यूपी की योगी सरकार ने एसआईटी भी बनाई, जिसने रिपोर्ट सरकार को सौंप दी. लेकिन मामला गरमाया रहा. राजनीतिक दल भी सामने आ गए. उसके बाद, योगी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की. सीबीआई ने जांच संभाली. कई बार पीड़िता के परिवार से पूछताछ की. इसके अलावा अलीगढ़ जेल में बंद चारों आरोपियों से भी पूछताछ की गई. आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट और ब्रेन मैपिंग भी कराया गया. अब सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है.
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