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नूह हिंसा में जज और उनकी 3 साल की बेटी ने जैसे जान बचाई, वो रोंगटे खड़े कर देगा!

जज की गाड़ी पर 100-150 दंगाइयों ने किया हमला, गाड़ी में पथराव के बाद आग भी लगा दी...

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नूह में हुआ सांप्रदायिक दंगा (PTI)

हरियाणा के नूह जिले में 31 जुलाई को हुई हिंसा से पूरा देश सकते में है. इस सांप्रदायिक हिंसा में एक सिविल जज और उनकी बेटी की कहानी भी अब सामने आई है, जिन्हें वर्कशॉप में छिपकर जान बचानी पड़ी. इस बात का खुलासा एक FIR में हुआ है. घटना के दौरान एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अंजलि जैन की गाड़ी पर हमला कर उसमें आग भी लगा दी गई. 

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक 1 अगस्त को नूह SGM की कोर्ट में प्रोसेसर सर्वर के पद पर कार्यरत टेकचंद नाम के व्यक्ति ने FIR दर्ज कराई. जो उस वक्त अंजलि जैन के साथ ही गाड़ी में मौजूद थे. FIR में दर्ज बयान के मुताबिक, 

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सोमवार दोपहर करीब एक बजे SGM, उनकी तीन साल की बेटी और गनमैन सियाराम अपनी फॉक्सवैगन कार से दवा खरीदने नलहर स्थित एसकेएम मेडिकल कॉलेज गए. दोपहर करीब 2 बजे जब वे मेडिकल कॉलेज से लौट रहे थे, तो दिल्ली-अलवर रोड पर पुराने बस स्टैंड के पास करीब 100-150 दंगाइयों ने उन पर हमला कर दिया. दंगाई गाड़ी पर पथराव कर रहे थे. कुछ पत्थर कार के पिछले शीशे पर लगे और गाड़ी का शीशा टूट गया. साथ ही फायरिंग भी शुरू हो गई. ऐसे में चारों लोग कार सड़क पर छोड़कर जान बचाने के लिए भागे. सभी पुराने बस स्टैंड की एक वर्कशॉप में छिप गए. बाद में कुछ वकीलों ने वहां आकर उन्हें बचाया. अगले दिन घटनास्थल पर पूरी कार जली मिली. 

इस घटना के संदर्भ में पुलिस ने IPC की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. जिसमें दंगा और हत्या का प्रयास और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 शामिल है. आरोपियों की तलाश की जा रही है.

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कैसे भड़की हिंसा?

दरअसल हरियाणा के मेवात क्षेत्र में 31 जुलाई को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ निकाली गई थी. दोपहर करीब एक बजे यात्रा फिरोजपुर झिरका के लिए रवाना हुई. पुलिस ने बताया कि करीब 5 किलोमीटर दूर युवकों के एक ग्रुप ने जुलूस को रोका और इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई. देखते ही देखते पथराव और आगजनी होने लगी. तब से शुरू हुई हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें दो होमगार्ड्स और चार आम नागरिक शामिल हैं. इनके अलावा 20 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है.  

नूह के अलावा गुरुग्राम और पलवल से भी हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. पलवल जिले में भीड़ ने परशुराम कॉलोनी में 25 से अधिक झोपड़ियों में आग लगा दी. हालांकि, पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस आगजनी में किसी को भी चोट नहीं आई है. नूह जिले के SP नरेंद्र बिजारणिया के मुताबिक, मोनू मानेसर के यात्रा में शामिल होने की खबरों को लेकर ही लोग आपस में भिड़ गए.

वीडियो: 'हां, तलवारें थीं हमारे पास', नूह हिंसा वाली रैली में शामिल बिट्टू बजरंगी ने क्या बताया?

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