हरियाणा के नूह में हिंदू संगठन 28 अगस्त को एक बार फिर ‘शोभायात्रा’ निकालने पर अड़े हुए हैं. नूह जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी मीडिया को बताया कि नूह हिंसा के बाद हालातों को देखते हुए बृज मंडल यात्रा (शोभायात्रा) की अनुमति नहीं दी गई है. दरअसल, पिछली बार जब जुलाई में शोभायात्रा निकाली गई थी, तब नूह में हिंसा भड़क गई थी. इसमें 6 लोग मारे गए थे. इसलिए प्रशासन अब एहतियात बरत रहा है. दोबारा यात्रा निकालने के एलान के बाद नूह में धारा-144 लगा दी गई है. इसके अलावा 25 से 29 अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं भी बंद की गई हैं.
नूह में परमिशन नहीं फिर भी 'शोभायात्रा' निकालने पर अड़े हिंदू संगठन, बोले- अनुमति की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री और पुलिस ने अनुमति नहीं मिलने की बात कही है.


मुख्यमंत्री खट्टर ने 27 अगस्त को मीडिया से बताया कि पिछले दिनों नूह में जो घटनाक्रम हुआ है, इसके चलते कानून व्यवस्था के लिहाज से यात्रा की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि सावन का महीना है, सभी लोगों की श्रद्धा है इसलिए मंदिरों में जलाभिषेक करने की अनुमति रहेगी. सभी लोग अपने-अपने स्थानीय मंदिरों में जलाभिषेक कर सकेंगे.
आजतक की खबर के मुताबिक, परमिशन नहीं मिलने के बाद भी विश्व हिंदू परिषद (VHP) 28 अगस्त को ही शोभायात्रा निकालने पर अड़ा है. VHP का कहना है कि यात्रा के लिए कोई परमिशन की जरूरत नहीं है. VHP के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने दावा किया कि क्षेत्र के मुसलमानों ने उन्हें सहयोग करने की पेशकश की है. उन्होंने कहा,
"28 अगस्त को नूह में शोभा यात्रा निकाली जाएगी. ऐसे धार्मिक आयोजनों के लिए प्रशासन से अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है. प्रशासन को जुलूस के बारे में सूचित किया जाएगा, क्योंकि हम जी-20 कार्यक्रम पर कोई प्रभाव नहीं डालना चाहते. यात्रा VHP नहीं, बल्कि मेवात के सर्व हिंदू समाज द्वारा निकाली जाएगी. उम्मीद है कि यात्रा शांतिपूर्ण रहेगी.
हिंदू संगठनों के रुख को देखकर प्रशासन भी सतर्क है. सावधानी के तौर पर इंटरनेट के अलावा बल्क SMS पर रोक लगा दी है. इस दौरान सिर्फ सर्विस कॉल चालू रहेगी.
हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर ने बताया कि प्रशासन ने 3-7 सितंबर के दौरान नूह में होने वाली जी-20 शेरपा समूह की बैठक और जुलाई में हुई हिंसा के कारण यात्रा की अनुमति नहीं दी. उन्होंने बताया,
"नूह में 28 अगस्त को स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहेंगे. जनता की सामान्य आवाजाही भी प्रतिबंधित है. वहीं दुकानें भी बंद रखने की सलाह दी गई है. धारा 144 का सख्ती से पालन किया जाएगा. किसी भी व्यक्ति को लाइसेंसी हथियार, लाठी, कुल्हाड़ी आदि हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी."
वहीं गुरुग्राम पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से शोभायात्रा में शामिल न होने की अपील की.
"28 अगस्त को जिला नूंह में प्रस्तावित बृज मंडल यात्रा को जिला प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई है. इसीलिए गुरुग्राम पुलिस की सभी गुरुग्राम वासियों से अपील है कि इस यात्रा में सम्मिलित होने ना जाएं."
वहीं राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि यात्रा पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. पूर्व मुख्यमत्री और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा,
"यात्रा करना हर किसी का अधिकार है. इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन सरकार को इसकी गंभीरता देखते हुए हर मामले में एहतियात बरतनी चाहिए. पिछली बार सब कुछ जानने के बावजूद सरकार ने यात्रा की सुरक्षा को लेकर उचित कदम नहीं उठाए. भड़काऊ बयानों के कारण हिंसा हुई."
दरअसल, पिछले महीने की 31 तारीख को हरियाणा के मेवात-नूह में ब्रजमंडल यात्रा निकाली गई थी. यात्रा पर पथराव के बाद हिंसा भड़क गई थी. इसमें दो होमगार्ड जवान समेत 6 लोगों की मौत हुई थी. राज्य में इस हिंसा को लेकर कुल 142 FIR दर्ज की गईं. जबकि 312 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सिर्फ गुरुग्राम में हिंसा को लेकर 37 मामले दर्ज किए गए.
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