लाभ का पद क्या होता है? पद का इस्तेमाल कैसे किया जाता है? सरकारी सिफारिशें क्या होती हैं? मंत्री अपने रिश्तेदारों और करीबियों को कैसे फायदा पहुंचाते हैं? इन सारे सवालों से हो रही है दो-चार. हरियाणा की खट्टर सरकार. क्यों? क्योंकि उन्होंने UPSC से सिफारिश की है कि उनके मंत्री की बिटिया और टॉप अधिकारी की बीवी को IAS बना दिया जाए.
IAS बनाने के लिए प्रदेश सरकार की सिफारिश?
लाहौल बिलाकूवत! ऐसा भी होता है क्या? हां जी. IAS अफसर चुने जाने के तीन तरीके होते हैं.
1. एग्जाम-इंटरव्यू के बाद UPSC से डायरेक्ट भर्ती
2. प्रदेश सिविल सेवा से प्रमोशन
3. प्रदेश सरकार की सिफारिश, अगर जगहें बची हुई हों. हालांकि ऐसा बहुत कम देखने में आता है.
IAS बनने के लिए लोग सालों-साल मेहनत करते हैं. लेकिन प्रदेश सरकार से जुगाड़ फिट हो जाए तो आपकी सीधी सिफारिश भी हो सकती है. बशर्ते जगह खाली हो.
अभी इकलौती पोस्ट है और पांच लोगों की सिफारिश की गई है. इनमें से तीन रिश्तेदार और करीबी हैं ताकतवर लोगों के. इस लिस्ट पर खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुहर लगाई है. अब UPSC तय करेगी कि तीनों में से किसे चुना जाएगा.
ये तीनों कौन हैं?
पहली कैंडिडेट: डॉ. सोनिया त्रिखा, खट्टर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की वाइफ सोनिया त्रिखा आरके खुल्लर की पत्नी हैं. आरके खुल्लर मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेकटरी हैं. सोनिया त्रिखा अब भी सरकार के लिए ही काम करती हैं. वह पंचकूला के स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की डायरेक्टर हैं. उनके पास मेडिकल एजुकेशन की मास्टर्स डिग्री है. वह यूनिसेफ में हेल्थ स्पेशलिस्ट भी रही हैं. स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी रही हैं.
दूसरी कैंडिडेट: डॉ. आशा शर्मा, शिक्षा मंत्री की बिटिया आशा शर्मा हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की बेटी हैं. अभी वो चंडीगढ़ के MLA होस्टल डिस्पेंसरी में काम करती हैं. उनके पति डॉ. प्रशांत शर्मा का पिछले साल देहांत हो गया था. जिस दिन यह घटना घटी, हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी. डॉ. आशा शर्मा के पास MBBS की डिग्री और 20 साल का एक्सपीरिएंस है.
तीसरे कैंडिडेट: डॉ. राकेश तलवार, पंजाब-हरियाणा के राज्यपाल के करीबी डॉ. तलवार हरियाणा राज भवन में सीनियर मेडिकल ऑफिसर हैं. प्रोटोकॉल के मुताबिक, वो पंजाब-हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी के साथ ट्रैवल करते हैं.
बाकी दोनों कैंडिडेट हैं, गुरमीत कौर और परमेश्वर मेहरा. गुरमीत सीनियर टाउन प्लानर हैं और परमेश्वर एक्साइड एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट में अफसर हैं. लेकिन माना जा रहा है कि मंत्रीजी की बिटिया और प्रिंसिपल सेक्रेटरी की पत्नी का नाम दौड़ में सबसे आगे चल रहा है.
सेलेक्शन प्रोसेस जनवरी में शुरू हुआ था. इकलौती पोस्ट के लिए प्रदेश सरकार ने एप्लीकेशंस मांगी थीं. नॉन-हरियाणा सिविल ऑफिसर ही इस पोस्ट के लिए चाहिए था. 16 लोगों ने अप्लाई किया. इनमें से 5 को शॉर्टलिस्ट किया गया. पांचों का UPSC इंटरव्यू करेगी और एक को चुनेगी. जब अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'मुझे क्राइटीरिया पता नहीं है. सरकार ने ये तय किया होगा कि जरूरी प्रक्रिया का पालन किया जाए.' प्रिंसिपल सेक्रेटरी खुल्लर ने कहा, 'मेरी पत्नी कैंडिडेट थीं. इसलिए ऑफिशियली इससे जुड़ी कोई फाइल मैंने नहीं देखी. हर बार जो प्रक्रिया होती है, इस बार भी वही फॉलो की गई होगी. जब ये फाइल मुख्यमंत्री के पास अप्रूवल के लिए आनी थी, मैंने ये आदेश दिया था कि फाइल मुझे न दिखाई जाए.'