फिलिस्तीन का उग्रवादी समूह हमास, गाजा शांति समझौते (Gaza Peace Plan) के आधिकारिक हस्ताक्षर कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा, जो मिस्त्र में आयोजित होने वाला है. हमास के एक सीनियर नेता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव के कुछ हिस्सों को बेतुका बताया. हमास नेताओं ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि उसके सदस्य इस प्लान के तहत गाजा पट्टी छोड़ देंगे.
ट्रंप का ये प्लान लटक जाएगा? गाजा पीस डील साइन नहीं करेगा हमास, प्रस्ताव की ये बात पसंद नहीं
Hamas के एक सीनियर नेता ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के Gaza Peace Plan के कुछ हिस्सों को बेतुका बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका है कि योजना के दूसरे चरण पर बातचीत मुश्किल होगी, क्योंकि हमें इससे काफी परेशानी है.


टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार, 13 अक्टूबर को मिस्र के शर्म अल-शेख में गाजा शांति शिखर सम्मेलन होना है. इस सम्मेलन में दुनिया भर के बड़े नेता शामिल होंगे, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी करेंगे. इजरायल इस शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेगा, क्योंकि इसी दिन इजरायली बंधकों की रिहाई शुरू होने की उम्मीद है. उधर, हमास का कहना है कि वह भी इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा.
हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य, होसम बदरान ने पत्रकारों से कहा,
फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से निकालने की बात बेतुकी और बकवास है. भले ही वो हमास के सदस्य हों या नहीं.
उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका है कि योजना के दूसरे चरण पर बातचीत मुश्किल होगी, क्योंकि उन्हें इससे काफी परेशानी है. बदरान ने कहा कि हमास समूह, गाजा शांति शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पिछली बातचीत भी कतर और मिस्र के मध्यस्थों के जरिए हुई थी.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि गाजा पीस प्लान के तहत, हमास समूह का निरस्त्रीकरण (हथियारों को कम करना या समाप्त करना) होना जरूरी है, जिसका सवाल ही नहीं उठता, भले ही हमास गाजा की सरकार से अलग हो जाए. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अगर हमास निरस्त्रीकरण करने में विफल रहता है, तो इजरायल अपना हमला फिर से शुरू कर सकता है.
ये भी पढ़ें: अब 3000 साल का झगड़ा खत्म होगा... ट्रंप ने हमास-इजरायल सीजफायर को फसाद का अंत क्यों बताया?
गाजा पीस प्लान का एक हिस्सा शुक्रवार, 10 अक्टूबर को लागू हुआ, जब इजराइल ने सीजफायर पर सहमति जताई और गाजा के कुछ हिस्सों से अपनी सेना वापस बुला ली. सीजफायर लागू होते देख, हजारों फिलिस्तीनी अगले दिन पैदल, कार और गाड़ियों से गाजा के तट के साथ उत्तर की तरफ बढ़ते दिखे.
प्लान के तहत, हमास के पास सोमवार दोपहर तक शेष बचे 47 जीवित और मृत इजराइली बंधकों को रिहा करने का समय है. जो उन 251 लोगों में से हैं, जिन्हें 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हुए हमले के दौरान बंधक बना लिया गया था. बदले में, इजराइल 250 कैदियों को रिहा करेगा, जिनमें से कुछ इजराइल विरोधी घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. साथ ही युद्ध शुरू होने के बाद से हिरासत में लिए गए 1,700 गाजा के नागरिक भी शामिल हैं.
वीडियो: ट्रंप की धमकी के बाद 'गाजा पीस प्लान' पर राजी हुआ हमास, दुनिया भर के नेताओं ने कही ये बात












.webp?width=275)

.webp?width=120)

.webp?width=120)
.webp?width=120)


