दौर वो है कि जितने भक्षक नहीं हैं, उससे ज्यादा 'रक्षक' हैं. गाय माता ट्रेंड में हैं. 'रक्षकों' का खूब स्नेह पा रही हैं. वो बात अलग है कि 'रक्षकों' का ये स्नेह दूसरे लोगों के लिए 'कहर' का काम कर रहा है.अहमदाबाद से 400 किलोमीटर दूर वेरावल के ऊना में 4 'जिंदा' दलितों की खाल इसलिए खींच दी गई, क्योंकि वो मरे हुए जानवरों की खाल खींच रहे थे. ऊना के कारखाने में उनका यही काम था. इसी काम से पैसे मिलते, घर चलता. लेकिन ये बात 'रक्षकों' को नहीं भायी. इस हरकत के बाद गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. संसद में मायावती भी इसी मसले को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर चुकी हैं.
11 जुलाई को वेरावल के ऊना गांव में 4 दलित युवकों को अधनंगा करके कार के पीछे बांधा गया. जितना पीट सकते थे, पीटा. मारते हुए कहा, 'हम शिवसेना से हैं. क्योंकि तुम जानवरों की खाल निकाल रहे थे, इसलिए तुम्हें पीटेंगे. ताकि बाकी लोगों के लिए 'वॉर्निंग' रहे.' मारने वालों ने दलित युवकों को कथित 'गौ हत्या' का 'गुनहगार' माना. इन 'रक्षकों' ने अपनी इस घटिया हरकत का वीडियो भी बनाया.
https://www.youtube.com/watch?v=F7IigiTFUGI
ये वीडियो वायरल हो गया. पुलिस हरकत में आई. 8 लोगों को पकड़ा. लेकिन मामूली धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया. सीएम आनंदीबेन पटेल ने कहा,
'मामले की सीबीआई जांच करवाई जाएगी. हरेक पीड़ित को एक लाख रुपये देने का ऐलान किया गया. हमारी सरकार समाज के कमजोर तबकों की सिक्योरिटी और विकास के लिए कमिटेड है.'गुस्साए लोग कर रहे हैं सुसाइड की कोशिश इस घटना से गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में गुस्सा है. लोग इस कदर खफा हैं कि 7 लोगों ने सुसाइड की कोशिश की. राजकोट के गोंडाल शहर में पांच और जामकडोरना गांव में 2 लोगों ने जहर पी लिया. शुक्र ये रहा है कि इन सबकी जान बच गई. प्रदर्शनकारियों ने गोंडाल में कलेक्टर के दफ्तर पर हड्डी और मांस के टुकड़े फेंके. सुरेंद्र नगर में प्रदर्शनकारी गाड़ियों में मरे जानवरों की लाशें भरकर कलेक्टर दफ्तर के बाहर ले गए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.


दो सरकारी बसों को लगाई गई आग
प्रोटेस्ट करने वालों ने राजकोट-पोरबंदर हाईवे को भी रोक दिया है. दो सरकारी बसों को भी आग लगाए जाने की खबर है. 4 पुलिसवालों को भी सस्पेंड कर दिया गया है.

प्रोटेस्ट के दौरान लोग























