नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वी.के. पॉल ने बताया था कि अब समय ऐसा आ गया है कि हमें घर पर भी मास्क लगाना होगा. ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके.
नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वी. के. पॉल ने कहा कि अब समय ऐसा आ गया है कि लोगों को घरों पर भी मास्क पहनना चाहिए. ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके. कोरोना वायरस की दूसरी लहर में ये ज़रूरी है कि आप घर पर भी खुद को सुरक्षित रखें. बाहर निकलने पर मास्क ज़रूरी तो है ही मगर घर पर रहते हुए कुछ खास तरह की परिस्थितियों में भी आपको मास्क लगाना ज़रूरी है. डॉ. वीके पॉल ने कहा,
कोविड-19 की इस सिचुएशन में आप अपने घरों से बेवजह बाहर न निकलें. बल्कि घर के अंदर भी मास्क पहनें. मास्क पहनना बहुत ज़रूरी है. अपने घरों में किसी को भी आमंत्रित ना करें.
पॉल के इस बयान के बाद कुछ सवाल दिमाग में ज़रूर आते हैं. जैसे घर में मास्क पहनना कितना ज़रूरी है? क्या अगर घर के सभी मेम्बर्स स्वस्थ्य हैं तब भी मास्क पहना जाना चाहिए? अगर घर में कोई भी बाहरी सदस्य आता है तो भी मास्क ज़रूरी है? ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब हम आपको नीचे दे रहे हैं.
#घर पर मास्क लगाना ज़रूरी क्यों?
जब कोरोना से संक्रमित व्यक्ति खांसता है या छींकता है, इस दौरान उसके मुंह और नाक से निकले ड्रॉपलेट्स हमारे शरीर तक पहुंचती हैं. ये वायरस हमारे मुंह, नाक और आंखों से हमारे अंदर चला जाता है. और हम इन्फेक्ट हो जाते हैं. खासकर एयर कंडीशनर वाली जगहों पर जैसे ऑफिस, कैब्स-बस, शॉपिंग मॉल में हवा में ये ड्रॉप्लेट्स रह जाते हैं. बहुत से लोगों को कोरोना होते हुए भी उनमें सिम्टम नज़र नहीं आते हैं. ऐसे लोगों से घर के बाकी लोगों में भी कोरोना फैलने का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर पॉल के मुताबिक, ऐसे लोगों के साथ बात करने से भी कोरोना वायरस के फैलने का खतरा होता है. उनका पूरा परिवार कोरोना पॉज़िटिव हो जाता है. इसलिए ज़रूरी है कि घर में भी मास्क पहना जाए.
#कोरोना की दूसरी लहर में ही ऐसी सलाह क्यों दी जा रही है?
दरअसल भारत में इस वक्त एक बहुत बड़ी आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित है. ज्यादातर मरीज सांस की परेशानी से जूझ रहे हैं. ऑक्सीजन बेड की आवश्यकता सबसे ज़्यादा हो गई है. इस वक्त मास्क पहनने से कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोक तो सकते ही हैं. साथ में मास्क लगाकर दूसरों की सेफ्टी का ख्याल भी रख सकते हैं. खासकर उनकी जिन्हें इस महामारी से सबसे ज़्यादा खतरा है. जैसे बुज़ुर्ग और बच्चे.

#कुछ दिनों पहले आई CDC की रिपोर्ट क्या कहती है?
यूएस की सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी CDC ने भी कुछ दिनों पहले ऐसी ही सलाह दी थी. सीडीसी ने कहा था कि अगर कोविड वायरस को फैलने से रोकना है तो छह फीट दूर रहने के साथ ही मास्क पहनना बहुत ज़रूरी है. खासकर तब, जब आपके घर पर कोई बाहरी व्यक्ति आए. फिर चाहे वो आपका कोई दोस्त हो, रिश्तेदार हो या कोई भी अन्य. मगर मास्क लगाना बहुत ज़रूरी है. सीडीसी ने कहा कि अगर बाहरी कोई आपके घर में किसी भी वजह से आ रहा है तो घर के बुज़ुर्गों को मास्क ज़रूर पहनना चाहिए.
#बीजिंग की स्टडी में क्या दावा किया गया है?
कुछ दिनों पहले ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में एक स्टडी प्रकाशित की गई थी. जिसमें भी ऐसी ही कुछ बात कही गई थी. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ने अपने शोध में पाया है कि कोरोना के लक्षण उभरने से पहले घर के अंदर भी मास्क पहना जाए तो कोरोना के संक्रमण को कम करने में 79 फीसदी सफलता प्राप्त की जा सकती है.

124 परिवारों के 335 लोगों पर की गई इस स्टडी में ये पाया गया है कि अगर घर के लोग कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में अक्सर आ रहे हैं तो घरेलू संक्रमण का खतरा 18 फीसदी बढ़ जाता है. ऐसे में अगर घर का प्रमुख संक्रमित सदस्य और परिवार के अन्य लोग संक्रमित सदस्य में कोरोना के लक्षण उभरने से पहले ही मास्क पहनना शुरू कर दें तो घरेलू संक्रमण का खतरा 79 फीसदी तक कम हो जाता है. हालांकि, लक्षण तीव्र हो जाने के बाद मास्क पहनने का कोई खास फायदा नहीं होता है.
#क्या कहते हैं डॉक्टर्स
हमने इस बारे में डॉक्टर्स से भी बात की. उनसे भी सवाल किए.
#अगर घर में सिर्फ चार सदस्य हैं, और चारों स्वस्थ्य हैं तो क्या ऐसी परिस्थिति में भी हमें घर पर मास्क लगाना चाहिए? इसका जवाब देते हुए इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, पटना के डॉक्टर दिनकर मिश्रा ने कहा,
अगर आप कोरोना नेगेटिव हैं, आपकी कोरोना कि रिपोर्ट नेगेटिव आई है और आप घर में रह रहे हैं. आपके आस-पास भी कोई कोविड का पेशेंट नहीं है. तो आपको मास्क लगाना ज़रूरी नहीं है. फिलहाल रिसर्च ये बता रहा है कि ये वायरस हवा से भी फैल रहा है. तो अगर आप ऐसी जगह पर रहते हैं जो बहुत भीड़-भाड़ वाली है. या आपके पड़ोसी कोविड पेशेंट हैं, तो ये वायरस हवा के थ्रू आप तक पहुंच सकता है. उस केस में मास्क लगाना ज़रूरी है. लेकिन अगर आप स्वस्थ्य हैं. आस-पास भीड़ नहीं है तो घर में मास्क लगाने की ज़रूरत नहीं है.
उदयपुर राजस्थान के गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर दीपक शुक्ला ने बताया,
ये बहुत ज़रूरी है कि अगर घर में कोई भी कोविड पेशेंट है या किसी में भी कोविड के लक्षण दिखाई देते हैं तो घर के सभी सदस्य मास्क ज़रूर लगाएं. ये वायरस हवा में फैल रहा है तो किसी के भी अंदर अगर कोविड सिम्टम है तो सबसे पहले उसे मास्क लगाना चाहिए. ताकि ये वायरस दूसरे घरवालों तक ना पहुंचे. घरवालों को भी मास्क लगाना चाहिए क्योंकि इससे वायरस फैलने का खतरा बहुत कम हो जाता है. लेकिन 24 घंटे मास्क लगाए रहना संभव नहीं. इसलिए जब भी कोविड लक्षण वाले व्यक्ति से बात करें तो मास्क ज़रूर लगाएं.
#अगर घर से बाहर सामान लेने निकले तो वापिस आने पर भी घरवालों को मास्क लगाना ज़रूरी है? डॉक्टर दिनकर ने कहा,
अगर कोई भी व्यक्ति घर से बाहर सामान लेने जाता है तो सबसे पहले तो वो डबल ग्लव्स पहन कर जाए. समान कलेक्ट करने के बाद, उसे सैनेटाइज़ करें. फिर घर में आने के बाद पहला ग्लव्स, जिसे ऊपर पहन रखा है उसे डिस्पोज़ कर दीजिए. अगर आपने डबल मास्क पहना है. मतलब एन-95 के ऊपर आपने नॉर्मल कपड़े का मास्क लगाया है तो इसे भी वापिस आने के बाद फेंक दीजिए. इससे अगर वायरस किसी भी तरह घर में आया होगा तो वो डिसपोज़ हो जाएगा. ऐसे में घर वालों को मास्क लगाने की ज़रूरत नहीं.
#अगर आप कोविड से रिकवर हो चुके हैं तब भी घर पर मास्क ज़रूरी है? डॉक्टर दीपक ने बताया,
अगर आप कोरोना से रिकवर हुए हैं. अपने घर वापिस आ चुके हैं या आइसोलेशन में नहीं हैं तब भी 14 दिनों तक आपको घर पर मास्क लगाए रखना है. क्योंकि हो सकता है कि अभी आपके शरीर में कोविड के बहुत मामूली वायरस बचे हों. जिससे आपको फर्क ना पड़े मगर ये आपके परिवार वालों तक ट्रांसफर हो सकता है. इसलिए कोविड रिकवरी के बाद 14 दिनों तक भी मास्क लगाकर ज़रूर रखें.
भारत में कोरोना के मामलों की बात करें तो आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. 26 अप्रैल को भारत में कोरोना के 3 लाख 23 हज़ार 144 नए केस दर्ज किए गए. जबकि 2,771 लोगों ने कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा दी. वहीं महाराष्ट्र में कोरोना के 48,700 और उत्तर प्रदेश में 33,351 नए केस दर्ज किए गए.