बस यहीं हुई मज़े की बात. औरों के देशद्रोही होने की जो कसौटी गिरिराज ने सेट की थी, वो उनके ऊपर ही अप्लाई हो गई. ऐसा हुआ कि वो खुद मोदी की संकल्प रैली में नहीं पहुंच पाए. 3 मार्च को उनका एक ट्वीट आया. लिखा था-
दो दिन पहले नवादा से पटना आने के क्रम में अस्वस्थ हो गया. इस कारण माननीय नरेंद्र मोदी जी की संकल्प रैली में शामिल न हो सका.ऊप्स...
पूरे ट्वीट का स्क्रीनशॉट देखिए-

गिरिराज से नाराज़ मत होइए. वो बीमार हैं. तभी राजनीति के नाम पर ऐसे बेसिरपैर के बयान देते रहते हैं. उन्होंने खुद को प्रासंगिक रखने का यही तरीका चुना है. हो सकता है कि वो बस ऐसी ही पॉलिटिक्स करना जानते हों.
हम गिरिराज हो जाएं, तो उनको 'पाकिस्तानी' पुकार सकते हैं. मगर असल बात यही है. हम गिरिराज नहीं हैं. इसीलिए हम ऐसा कोई वाहियात सर्टिफिकेट भी नहीं बांटते. बाकी गिरिराज सिंह को गेट वेल सून रहेगा.
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