गाम्बिया (Gambia) में कथित रूप से एक भारतीय दवा से 70 बच्चों की मौत के मामले में बड़ा यू-टर्न आया है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गाम्बिया ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि भारत में बनी खांसी की दवा ही बच्चों की मौत का कारण है. वहां की मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी के एक अधिकारी ने मीडिया को इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि अभी तक ये बात साबित नहीं हो पाई है कि खांसी की दवाई की वजह से ही बच्चों की किडनी खराब हुई थीं.
भारतीय दवा से बच्चों की मौत के मामले में गाम्बिया का यू-टर्न, कहा, 'सही कारण का अब तक पता नहीं'
WHO ने गाम्बिया में 70 बच्चों की मौत को भारत में बने कफ सिरप से जोड़ते हुए उसे खराब क्वालिटी का प्रोडक्ट करार दिया था.


अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक गाम्बिया की मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी से जुड़े टीजन जैलो ने सोमवार, 31 अक्टूबर को एक प्रेस कांफ्रेंस की. इस दौरान जैलो ने बताया,
'मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी अभी तक बच्चों की मौतों के सही कारण का पता नहीं लगा पाई है. हमने अभी तक यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि खांसी की दवा के कारण ही 70 बच्चों की मौत हुई. बड़ी संख्या में बच्चों की मौत बिना कोई दवा लिए भी हुई है... इसके अलावा मरने वाले कुछ बच्चे ऐसे भी हैं, जिन्होंने कोई दूसरी दवा ली थी, हमने उस दवा की जांच की और पाया वो एक अच्छी दवा है. ऐसे में हम अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं.'
टीजन जैलो के मुताबिक एजेंसी अब उस दवा के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है, जो मरने वाले हर बच्चे को दी गई हो.
हरियाणा में बनी कफ सिरप को लेकर चेतावनीबता दें कि बीते कुछ महीनों के दौरान अफ्रीकी देश गाम्बिया में 70 बच्चों की मौत हो गई. इनकी किडनी में इंफेक्शन की बात सामने आई थी. इन मौतों को भारत में बने एक कफ सिरप से जोड़कर देखा गया. इस कफ सिरप को हरियाणा के सोनीपत में स्थित मेसर्स मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड नाम की कंपनी ने बनाया था. मामला सामने आने के बाद दवा को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी भी जारी की. WHO ने मेडेन फार्मास्यूटिकल द्वारा बनाई गईं 4 दवाओं प्रोमेथाज़ीन ओरल सॉल्यूशन, कोफैक्स मालिन बेबी कफ सिरप, मैकॉफ़ बेबी कफ सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप को बेहद खराब क्वालिटी वाला मेडिकल प्रोडक्ट बताया था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी के बाद गाम्बिया सरकार ने इन चारों कफ सिरप को जानलेवा बताते हुए डोर-टू-डोर कैंपेन शुरू कर दिया. इस कैंपेन में लोगों से इस कफ सिरप का इस्तेमाल न करने को कहा गया था. रेड क्रॉस सोसाइटी ने घर जाकर लोगों से इन दवाओं को वापस लिया.
वीडियो : जिन भारतीय कफ सिरप पर सवाल उठ रहे हैं, उनमें क्या मिला हुआ था?











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