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औरत का हुलिया बनाकर गया, मोनालिसा वाली असली पेंटिंग पर केक पोत दिया

शख्स ने मोनालिसा की पेंटिंग पर घूसे मारे, केक रगड़ा और पब्लिक वीडियो बनाती रही

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मोनालिसा की यह कालजयी पेंटिंग 6 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा की है | फोटो: ट्विटर/स्क्रीन शॉट

लियोनार्डो द विंची (Leonardo da Vinci) की कालजयी पेंटिंग - मोनालिसा (Mona Lisa painting). पेंटिंग के बारे में कहा जाता है कि अगर आपका मन खुश है तो पेंटिंग मुस्कुराती नजर आएगी. लेकिन मन दुखी है तो आपको  मोनालिसा उदास दिखेंगी. पेरिस (Paris) के लूव्र म्यूजियम (Louvre Museum) में लगी है यह पेंटिंग. कीमत 6 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है.  रविवार, 29 मई को इस पेंटिंग को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई. एक व्यक्ति म्यूजियम में पहुंचा और पेंटिंग पर केक फेंक दिया. इस हरकत के तुरंत बाद इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया.

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कैसे खराब होने से बच गई मोनालिसा की पेंटिंग?

स्पेनिश न्यूज पेपर मार्का की खबर के मुताबिक रविवार को एक व्यक्ति एक बूढ़ी महिला के वेश में व्हीलचेयर पर बैठकर लूव्र म्यूजियम में पहुंचा. इसकी उम्र तकरीबन 35 साल के आसपास रही होगी. उस समय म्यूजियम में मौजूद लोगों के मुताबिक यह व्यक्ति अपनी व्हीलचेयर को मोनालिसा की पेंटिंग के बिलकुल करीब ले गया और काफी देर तक पेंटिंग को घूरने के बाद उसके पास जाकर खड़ा हो गया. उसने पेंटिंग के ऊपर लगे शीशे पर कई बार जोर-जोर से हाथ मारा, लेकिन बुलेट प्रूफ कांच लगा होने के चलते पेंटिंग को कोई नुकसान नहीं हुआ. इसके बाद उस व्यक्ति को कुछ नहीं सूझा तो उसने पेंटिंग के ऊपर लगे शीशे पर सफ़ेद केक फेंक दिया.

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लूव्र म्यूजियम में गुलाब की पंखुड़ियां फैला दीं

इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से म्यूजियम में अफरातफरी मच गई. इस आदमी को तुरंत वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने पेंटिंग से दूर किया. जब इस व्यक्ति को पकड़ा गया तो इसने जमीन पर गुलाब की पंखुड़ियां फैला दीं. तुरंत ही मोनालिसा की पेंटिंग के ऊपर लगे केक को साफ़ किया गया. पुलिस ने पेंटिंग को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है. अभी यह भी नहीं बताया गया है कि पेंटिंग पर हमला करने के पीछे इस शख्स का मकसद क्या था. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी बताया जा रहा है कि हमला करने वाले की मानसिक स्थिति सही नहीं है.

मोनालिसा पर पहली बार हमला नहीं हुआ

यह पहली बार नहीं है जब मोनालिसा की पेंटिंग को किसी ने नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है. 1911 में इसे म्यूजियम के एक कर्मचारी ने चुरा लिया था. 1956 में पेंटिंग पर एक व्यक्ति ने तेज़ाब से हमला किया था, जिससे पेंटिंग के नीचे का कुछ हिस्सा खराब भी हो गया था. इस घटना के बाद ही मोनालिसा की पेंटिंग को बुलेटप्रूफ शीशे में रखा गया.

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