नोएडा में 18 जून को अलग-अलग जगहों पर 14 लोगों की मौत हो गई. आजतक के भूपेंद्र चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों में से किसी के भी शव पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे. नोएडा जिला अस्पताल के मुताबिक इन लोगों को वहां लाया गया था, उनकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि सभी मरीजों की मौत का कारण हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) यानी लू लगना है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सभी शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत की वजह साफ हो पाएगी.
नोएडा में अलग-अलग जगहों पर कई शव मिलने से हड़कंप, शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं
जिनकी मौत हुई उनके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे. आशंका जताई जा रही है कि कहीं हीट स्ट्रोक की वजह से तो ये मौतें नहीं हुईं. स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सभी शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत की वजह साफ हो पाएगी.
.webp?width=360)

सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. कुछ मृतकों को पुलिस और कुछ मृतकों को उनके परिवार वाले हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे. नोएडा जिला अस्पताल की चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट रेणु अग्रवाल ने कहा,
"जो 14 मरीज आए, वो ब्रॉट डेड यानी मृत लाए गए थे. इसलिए हम ये नहीं बता सकते कि उनकी किस वजह से मौत हुई. ये पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगा. इसमें 6-7 मरीज पुलिस वाले लाए थे और बाकी मरीजों को घरवाले लाए थे."
न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने नोएडा के अलग-अलग इलाकों में कुछ लोगों के मृत पाए जाने की जानकारी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने मंगलवार, 18 जून को बताया कि नोएडा के सेक्टर 126 में एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 5 के पास एक अज्ञात व्यक्ति मृत पाया गया था, जो कूड़ा बीनने वाला था. वहीं, नोएडा के सेक्टर 1 में एक 60 साल के व्यक्ति का शव मिला था.
ये भी पढ़ें- छुट्टी पर घर जा रहे पुलिसकर्मी की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई, साथी पुलिसकर्मी वीडियो बनाते दिखे
पुलिस ने अपने बयान में एक और मामले की जानकारी दी,
"सेक्टर 58 में खोड़ा टी-पॉइंट के पास ग्रीन बेल्ट पार्क में दो शव बरामद किए गए. शवों पर कोई चोट के निशान नहीं थे. स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया."
पुलिस के मुताबिक 17 जून को सेक्टर 61 में एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला था. उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं एक्सप्रेसवे क्षेत्र में, 51 साल के सिक्योरिटी गार्ड ब्रह्मानंद 'अचानक' बीमार पड़ गए थे. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
एक अन्य मामले में, ग्रेटर नोएडा में रहने वाले पश्चिम बंगाल के 45 साल के मजदूर श्यामलाल बशाक भी बीमार पड़ गए थे. उन्हें भंगेल के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि किसी भी शव पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं दिखे थे. सभी मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद मौत का सही कारण पता चलेगा.
उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है. लू लगने के कारण मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. देश की राजधानी दिल्ली में ही भीषण गर्मी के बीच तीन दिनों में हीटस्ट्रोक से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई.
वीडियो: दिल्ली में हीट स्ट्रोक से गई एक शख्स की जान, 107°F बुखार था



















