बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होने से धोनी के बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट फीस नहीं मिलेगी. जबकि इससे बाहर होने से उनकी ब्रांड वेल्यू पर भी असर पड़ेगा. जिससे उनका करोड़ों का नुकसान होगा.
धोनी ने साल 2019 में आईसीसी विश्वकप में 10 जुलाई को आखिरी मैच खेला था. इसके बाद उन्होंने खुद को वेस्टइंडीज़ सीरीज़ से बाहर रखा. लेकिन उसके बाद से ही वो वनडे और टी20 दोनों टीमों से बाहर चल रहे हैं.
ऐसे में अब 16 जनवरी 2020 को जारी कॉन्ट्रैक्ट से भी धोनी का नाम हटा दिया गया है.

मैदान पर खेलने उतरती टीम इंडिया. फोटो: BCCI
बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट में चार ग्रेड होते हैं. A प्लस, A ,B और C. A प्लस ग्रेड में कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह शामिल हैं. इस ग्रेड के खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते हैं.
इसके अलावा A ग्रेड में अश्विन, जडेजा, भुवनेश्वर, पुजारा, रहाणे, केएल राहुल, धवन, शमी, इशांत, कुलदीप और रिषभ पंत शामिल हैं. इस ग्रेड में खिलाड़ियों को 5 करोड़ मिलते हैं. धोनी का नाम इसी ग्रेड से हटाया गया है.
जबकि B ग्रेड में पांच खिलाड़ी शामिल हैं. इनमें रिद्धीमन साहा, उमेश यादव, युजवेन्द्र चहल, हार्दिक पांड्या और मयंक अग्रवाल हैं. इस ग्रेड में खिलाड़ियों को तीन करोड़ मिलते हैं.
जबकि C ग्रेड में केदार जाधव, नवदीप सैनी, दीपक चाहर, मनीष पांडे, हनुमा विहारी, शार्दुल ठाकुर, श्रेयस अय्यर और वाशिंगटन सुंदर हैं. इन खिलाड़ियों को एक करोड़ की रकम मिलती है.
धोनी का कॉन्ट्रेक्ट लिस्ट से बाहर होने का मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि वो फिर टीम इंडिया के लिए नहीं खेल सकते. सुरेश रैना और गौतम गंभीर जैसे ऐसे उदाहरण भारतीय क्रिकेट में ही मौजूद हैं. जिन्होंने टीम इंडिया के लिए कॉन्ट्रेक्ट से बाहर होकर भी वापसी की है.
जबकि बिना कॉन्ट्रैक्ट में शामिल हुए भी खिलाड़ी भारत के लिए खेल सकते है. बीसीसीआई का ये जारी कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2019 से सितम्बर 2020 के लिए है.
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