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नॉनवेज से ज्यादा महंगी है वेज थाली, रसोई पर महंगाई मार का गणित समझ लीजिए

नवंबर महीने में आपकी वेज थाली 7 फीसदी महंगी हो चुकी है. वहीं, नॉनवेज थाली भी महंगाई के मामले में पीछे नहीं है. नॉनवेज थाली की कीमतें भी 2 फीसदी बढ़ गई हैं.

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वेज थाली के दाम नॉनवेज थाली की तुलना में ज्यादा बढ़े (फोटो साभार: आजतक)

सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं. शादियों का सीजन चल रहा है. आपके पास भी एकाधा न्यौता आया ही होगा. अगर इससे पहले की आप दावत का लुत्फ उठाएं, जरा एक नजर अपनी जेब पर भी डाल लीजिएगा. क्योंकि कहीं ना कहीं, खाने की ये थाली आपकी जेब पर भारी पड़ रही है. अगर शाकाहारी हैं तो ज्यादा महंगा पड़ेगा. मांसाहारी हैं तो थोड़ा कम महंगा पड़ेगा. मगर सौ बात की एक बात ये है कि आपके खाने की थाली महंगी तो हो चुकी है. सिर्फ नवंबर महीने में आपके खाने की वेज थाली सात फीसदी और नॉनवेज थाली 2 फीसदी महंगी हो गई है.

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इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (Crisil) ने अपनी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि टमाटर और आलू की कीमतें बढ़ने की वजह से खाने पर ये महंगाई आई है. वेज थाली की लागत एक साल पहले के 30.5 रुपये से बढ़कर 32.7 रुपये हो गई है. नवंबर 2023 में टमाटर की कीमत 40 रुपये प्रति किलोग्राम थी. जो ठीक एक साल बाद नवंबर, 2024 में 35 प्रतिशत बढ़कर 53 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. वहीं आलू की कीमत भी 25 रुपये प्रति किलोग्राम से 50 प्रतिशत बढ़कर 37 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. क्रिसिल ने कहा- 

"लागत के अलावा, इम्पोर्ट रेट में बढ़ोतरी और त्योहारों और शादियों की वजह से वनस्पति तेल की कीमतों में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. महंगाई की एक और वजह दालों की कीमतों का बढ़ना भी है. जिसकी कीमतों में सालाना 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.”

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रिपोर्ट में कहा गया है कि वनस्पति तेल, प्याज और आलू की कीमतों में बढ़ोत्तरी ने थाली की लागत को बढ़ा दिया. वहीं, नॉन-वेज थाली के लिए, ब्रॉयलर चिकन की कीमतों में 2 फीसदी की बढ़ोत्तरी ने थाली के दाम बढ़ा दिए. नवंबर में नॉनवेज थाली की कीमत एक साल पहले के 60.4 रुपये से बढ़कर 61.5 रुपये हो गई है.

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रिपोर्ट के मुताबिक ये महंगाई और बढ़ सकती थी. लेकिन ईंधन की लागत में 11 प्रतिशत की गिरावट की वजह से महंगाई का स्तर ज्यादा नहीं बढ़ा. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के लिए पिछले साल 903 रुपये देने पड़ते थे. जबकि अभी इसकी कीमत 803 रुपये है. Crisil की रिपोर्ट कहती है कि दिसंबर महीने में नई फसलों की आमद आने से इन उत्पादों के दाम गिरने की संभावना है.

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