The Lallantop

विमान में बैठे अपने लोगों को भी मार देता इजरायल अगर... नेतन्याहू का प्लान पता लगा

जब Flydubai के विमान के कॉकपिट में पायलट से संपर्क नहीं हुआ तो तुरंत इजरायली फाइटर जेट्स भेजे गए. आगे ये विमान क्या करने वाले थे, इजरायल के कमांड सेंटर की पूरी प्लानिंग के बारे जानकारी सामने आई है.

Advertisement
post-main-image
इजरायल ने फ्लाईदुबई विमान को हवा में मर गिराने के लिए जेट भेजे थे. (courtesy: Reuters)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • फ्लाईदुबई की उड़ान 1073 के दौरान को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की जिससे विमान 16 हजार फीट नीचे गिर गया।
  • इजरायल की वायु सेना ने 9/11 जैसे संभावित आतंकवादी खतरे के कारण विमान के नियंत्रण खो जाने पर तत्काल प्रक्रिया सक्रिय कर फाइटर जेट्स भेजे तथा एयरस्पेस को बंद कर दिया था।
  • इजरायल ने विमान को गोली मार गिराने का अधिकार केवल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दिया है और संभावित खतरे के कारण क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना जारी रखेगा।

‘फ्लाईदुबई का विमान अगर इजरायल की राजधानी तेल अवीव की ओर बढ़ता रहता तो उसे हवा में ही गिरा दिया जाता.’ इस मामले के जानकार दो सूत्रों के हवाले से CBS न्यूज़ ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है. कॉकपिट में पायलट स्मित मच्छार पर हमले के बाद इजरायल ने ये फैसला लिया था. फ्लाइट में करीब 150 इजरायली यात्री सवार थे. 

Advertisement

30 सितंबर को, फ़्लाइट 1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, तभी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की. लगभग सिर्फ 30 सेकंड में प्लेन 16 हजार फीट से ज्यादा नीचे चला गया था. लेकिन कैप्टन ने जैसे-तैसे फ्लाइट का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया.

CBS ने क्या दावा किया? 

सूत्रों के अनुसार, इजरायल में 9/11 जैसी संभावित घटना से निपटने के लिए पहले से ही एक प्रक्रिया मौजूद है. विमान के 14,000 फ़ीट नीचे गिरने के बाद, इजरायली वायु सेना ने कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. फिर तुरंत पहले से बनी कमेटी को सक्रिय किया गया और एक कमांड सेंटर बनाया गया.

Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक, फाइटर जेट्स को तुरंत भेजा गया और इजरायल का एयरस्पेस बंद कर दिया गया. लेकिन जब इजरायल को पता चला कि फ्लाइट इजरायली सीमा से लगभग 400 मील दूर सऊदी अरब की ओर मुड़ गया है तो इजरायल ने अपने जेट्स वापस बुला लिए. ये जेट्स फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हवा में गिराने के लिए भेजे गए थे.

हवा में जेट्स क्या करते?  

सूत्रों ने CBS न्यूज़ को बताया कि अगर फ़्लाइट 1073 एक निश्चित दूरी के भीतर आ जाती, तो इजरायल जांच के लिए जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में जेट भेजता. सूत्रों ने पूरी प्रक्रिया भी बताई है. इजरायली फाइटर पायलट प्लेन के करीब जाने की कोशिश करते और पायलट से आई कॉन्टैक्ट करते. फिर केबिन के अंदर का जायजा लेते और यात्रियों की स्थिति को समझते. अगर ये कंफर्म हो जाता कि यात्रियों में पैनिक है तो इसकी जानकारी कमिटी और एयर फोर्स को दी जाती.

फिर ये पता लगाया जाता कि क्या वाक़ई प्लेन हाईजैक हो गया है. और उनकी कोई मांग है या नहीं. इसके बाद प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से फोन पर कमिटी बात करती. प्रोटोकॉल के मुताबिक, फ्लाइट को हवा में मार गिराने का आदेश दिया जाता. मगर ये पावर केवल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हाथ में है. 

Advertisement
‘तब विमान में बैठे अपने लोगों की भी परवाह नहीं करते’

सूत्रों ने CBS न्यूज़ को बताया कि अगर कोई अनियंत्रित विमान इजरायल की मशहूर अज़रीली बिल्डिंग, एयरपोर्ट या किसी अन्य ‘हाई वैल्यू टारगेट’ से टकराता है और सैकड़ों लोग मारे जाते हैं, तो उसके मुकाबले यात्री विमान को मार गिराना बेहतर माना जाएगा. अज़रीली तेल अवीव में गगनचुंबी इमारतों का समूह है. 

ये भी पढ़ें: कॉकपिट में चाकूबाजी से लेकर जमीन पर लैंडिंग तक, Flydubai हमले की पूरी कहानी

कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के तौर पर हुई. अधिकारी ने बताया कि वो बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश करना चाहता था और पहले भी इजरायल की उड़ान भर चुका था. रिपोर्ट के मुताबिक, UAE में पूछताछ के दौरान उसने बताया कि इस हमले की प्लानिंग फ्लाई दुबई में नौकरी करने से पहले से कर रखी थी.  

वीडियो: फ्लाईदुबई के को-पायलट हमले को यूएई ने आतंकी हमला क्यों माना?

Advertisement