हाथ से आग फेंकने वाली विंडीज़ की टीम की कहानी
फायर इन बेबीलोन. 2010 में आई डाक्यूमेंट्री. 70-80 के दशक में आई वेस्ट इंडीज़ के पेस अटैक की कहानी. कैसे वेस्ट इंडीज़ ने शुरू कराया सूरमाओं को धूल चटाना.
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फोटो - thelallantop
फायर इन बेबीलोन. 2010 में बनी एक डाक्यूमेंट्री. ये डाक्यूमेंट्री थी वेस्ट इंडीज़ के उस दौर के बारे में जब विंडीज़ क्रिकेट का उदय हो रहा था. विंडीज़ क्रिकेट उस समय ऐसे माहौल में था जहां क्रिकेट में चारों ओर सिर्फ श्वेतों का बोलबाला था. ऐसे में अश्वेतों की एक टोली के हाथों पिटना और अपमानित होना बाकी टीमों के लिए काफ़ी अजीब सिचुएशन पैदा कर रहा था. उन टीमों के रिऐक्शन भी देखने वाले हुआ करते थे. ट्रेलर देखो: https://www.youtube.com/watch?v=WlCZwIOK-do टोनी ग्रेग, जिन्हें हिंदुस्तान क्रिकेट और सचिन के फैन उनकी कमेंट्री के लिए कभी भी नहीं भूल सकते, ने एक बार अपने टूर के स्टार्ट होने से पहले कह दिया था कि "I intend to make them grovel." उनका ये कहना, अपनी कब्र खुदवाने वाली बात हो गयी. क्लाइव लॉयड ने अपनी टीम को बुलाया और कहा "Guys, we don't need to say much. Our guy in the television has said it all. We know what we gotta do." कहना विव रिचर्ड्स का कि पूरी टीम ने टोनी ग्रेग और लॉयड की बातें बहुत सीरियसली ली. उसके बाद जो हुआ उसे इंग्लिश क्रिकेट टीम कभी भी नहीं भूल पायेगी. ऐसी बहुत सी बातें देखने को मिलेंगी डाक्यूमेंट्री में. इस डाक्यूमेंट्री को लिखा और डायरेक्ट किया है स्टीवन राइली ने. और इसे सबसे अच्छी इन्डिपेंडेंट डाक्यूमेंट्री के लिए नॉमिनेट किया गया था. फिल्म की सबसे ख़ास बात ये है कि इसमें असल खेल के अलावा स्टॉक फुटेज भी हैं. जिससे हमें मैदानी पर्दे के पीछे का खेल भी दिखाई देता है.
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