आनंदपाल सिंह.
आनंदपाल सिंह एनकाउंटर में मारा जा चुका है.उसकी पूरी कहानी इस वीडियो में देखिए:
एक वर्ष होने को आ रहा है, कि राजस्थान के नागौर से ताल्लुक रखने वाले गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की फरारी का मामला चर्चा में बना हुआ है. इस बारे में हम विस्तार से बता चुके हैं.
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उसे पकड़ने की पुलिस ने हरसंभव कोशिश कर ली लेकिन नाकाम रही. अब उसकी संपत्तियों की कुर्की की जा रही है ताकि इस दबाव में वो सामने आए. सोमवार को नागौर के लाडनूं से पांच किलोमीटर दूर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-65 पर आनंदपाल के फार्महाउस को कब्जे में ले लिया गया और इसे सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया. 9 बीघा से ज्यादा में फैले इस खेत में ही उसने कथित तौर पर राज्य के कुख़्यात जीवणराम गोदारा हत्याकांड की योजना बनाई थी. इस फार्महाउस की जानकारी पुलिस को तब लगी जब उन्होंने लाडनूं में आनंदपाल के मकान पर दबिश दी. वहां इस जमीन के कागज़ बरामद किए गए. कथित तौर पर आनंदपाल के आदमी धर्मेंद्र को हिरासत में लिया गया और उसी ने इस फार्म का खुलासा किया. फिर आनंदपाल के साथियों ने अलग-अलग मौकों पर पुलिस को इस ज़मीन के बारे में बताया जो किले जैसा है. उन्होंने बताया कि कैसे वो लोगों को यहां यातनाएं देता था. कैसे उसने पुलिस के मुकाबले की सारी तैयारी यहां कर रखी थी.
इतनी जानकारी के बाद जब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम यहां पहुंची तो बाजरे और मोठ की बुआई के अलावा भी उन्हें उम्मीद से कुछ ज्यादा यहां मिला. 1. ये भवन तीन मंजिला है जिसमें एक तहखाना भी है.
2. यहां तहखाने के अंदर भी एक और गुप्त तहखाना मिला. इस तहखाने में छिपने के लिए दो बड़ी कोटड़ियां यानी कमरे बने हुए थे.
3. तहखाने के अंदर एक लोहे का भारी पिंजरा मिला. बताया जाता है कि फिरौती के लिए जिसे अपहरण कर लाया जाता उसे यहां रखते थे. अपने दुश्मनों को भी आनंदपाल यहीं कैद करता था. यहां उन्हें यातनाएं दी जाती थी. इस ख़ूनी पिंजरे के और रहस्य बाद में सामने आएंगे. 4. इस किलेनुमा भवन की दीवारें बहुत मजबूत हैं. इतनी कि गोलियां बिलकुल बेअसर हैं. 5. अंदर से बाहर फायरिंग के लिए कमरों में सुराख बनाए गए हैं जिससे अगर राजू ठेहठ जैसे विरोधी की गैंग या पुलिस टीम घेर तो बिना हताहत हुए उन्हें बड़ी आसानी से दूर से निशाना बनाया जा सकता है. 6. ईमारत में जो खिड़कियां हैं वे बहुत मजबूत और अभेद्य लोहे से बनाई गई हैं. इन पर फायर का असर नहीं होता. हालांकि अंदर से बाहर निशाना लगा सकते हैं.
7. इस भवन में लड़ने की व्यवस्था कुछ वैसी ही है जैसी किलों में होती हैं. 8. यहां दो दर्जन से ज्यादा लोगों के रहने की व्यवस्था मिली है. इतनी चारपाइयां, गद्दे यहां हैं. साथ ही एक रसोई, स्टील की अलमारी, लोहे के सरिए और पुराने कागज़ भी बरामद हुए हैं. 9. मनोरंजन का सामान, टीवी, सेटअप बॉक्स वगैरह भी यहां मिले हैं. 10. फार्महाउस में बने गैरेज में एक पुरानी स्पेशियो गाड़ी मिली है जिसे छुपा कर रखा गया था. इसके आगे-पीछे नंबर प्लेट नहीं है. बताया जा रहा है कि ये आनंदपाल की पहली गाड़ी है जिसे कई अपराधों में इस्तेमाल किया गया है. 
इसके अलावा पुलिस ने आनंदपाल के कई कथित साथियों को पकड़ा है. रविवार को बीकानेर के हाडलां गांव से अमनदीप सिंह उर्फ नीशू बन्ना को गिरफ्तार किया गया. आनंदपाल को फरार करने के लिए एक बुलेटप्रूफ गाड़ी तैयार करवाई गई थी. नागौर में पेशी के बाद लौटते हुए वह इसी गाड़ी से फरार हुआ. इसे नीशू बन्ना ने ही तैयार करवाया था. अभी तक गाड़ी बरामद नहीं हुई है. नीशू को जयपुर ले जाया गया है. इसकी आनंदपाल से दोस्ती जयपुर में हुई थी जहां दोनों साथ में जिम जाते थे. 2006 में पहले भी आनंदपाल एक बार फरार हुआ था जब अगले छह साल वहीं रहा था. एक ओर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है दूसरी ओर कोशिशें हो रही हैं कि आनंदपाल के आत्मसमर्पण और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके. हाल ही में एक समूह की ओर से जयपुर आईजी को ऐसा पत्र भी लिखा गया. [facebook_embedded_post href=" https://www.facebook.com/vsrawna/posts/1102701993140971"] पहले भी ऐसी कोशिशें हो चुकी हैं. लेकिन सुगबुगाहट है कि आनंदपाल मामले ने पुलिस की नाक में इतना दम किया है कि उसका इनकाउंटर किया जा सकता है.