(बाएं) फारूक अब्दुल्ला की पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए कुछ सीटों पर कांग्रेस से गठबंधन किया है. (दाएं) पुलवामा आतंकी हमले के बाद मलबे में तब्दील बस.
14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश ए मोहम्मद ने ली थी. हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. इस आतंकी हमले के 45 दिन बाद नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने सवाल उठाए हैं. अब्दुल्ला ने कहा कि सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए इसपर उन्हें शक है. न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी एक वीडियो में अब्दुल्ला को कहते सुना जा सकता है-
कितने सिपाही शहीद हुए छत्तीसगढ़ में, क्या कभी मोदीजी वहां गए उनपर फूल चढ़ाने के लिए.कभी उनके खानदानों से हमदर्दी की या जितने सिपाही यहां मरे उनके लिए कुछ कहा. मगर वो 40 लोग सीआरपीएफ के शहीद हो गए, उसका भी मुझे शक है.
एक अन्य वीडियो में फारूक अब्दुल्ला ने मिशन शक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा- वो मिसाइल जो उसने सैटेलाइट को मारने के लिए फेंका. पता है किसने तैयार करवाया था. उसका नाम मनमोहन सिंह था.वजीरे आजम. और उन्होंने उसे डिक्लियर नहीं किया. आज जब इलेक्शन था, ये दिखाने के लिए हनुमान जी तशरीफ लाए हैं. उसने बटन दबाया. एक बटन गलत दब गया और हेलिकॉप्टर गिर गया, हमारे एयरफोर्स के 6 जवान शहीद हो गए. एक व्यक्ति गाना सुन रहा था. उसके ऊपर ही गिर गया.
पुलवामा हमले के बाद विपक्ष ने पाकिस्तान के बालकोट में की गई एयर स्ट्राइक पर तो सवाल उठाए थे लेकिन यह पहला मौका है जब विपक्ष के किसी नेता ने पुलवामा में सीआरपीएफ के शहीदों को लेकर सवाल उठाए हैं. चुनावी मौसम में बीजेपी एयर स्ट्राइक को मुद्दा बना रही है. वह इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है. एक रैली में पीएम मोदी ने कहा कि एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान लाशें गिन रहा है जबकि विपक्ष अब भी सबूत मांग रहा है. ऐसे में फारूक अब्दुल्ला के बयान को बीजेपी मुद्दा बना सकती है.
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