The Lallantop

किसान फिर से धरने पर बैठ गए

उठाई बड़ी मांग, कहा - "टेनी को बर्खास्त करो"

Advertisement
post-main-image
किसानों के साथ लखीमपुर खीरी में राकेश टिकैत (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में किसानों ने 18 अगस्त से तीन दिनों का धरना प्रदर्शन शुरू किया है. किसान पिछले साल अक्टूबर में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं. 75 घंटे का धरना प्रदर्शन 18 अगस्त से शुरू हुआ, जो 20 अगस्त तक चलेगा. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait), सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और कई दूसरे नेता भी गुरुवार, 18 अगस्त को लखीमपुर खीरी पहुंचे. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के अंडर हजारों किसान लखीमपुर खीरी के मंडी ग्राउंड में धरना दे रहे हैं.

लखीमपुर खीरी में धरने पर बैठे किसानों की मांग

किसानों का ये धरना प्रदर्शन पिछले साल अक्टूबर में हुई लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए किया जा रहा है. अब रद्द किए जा चुके कृषि कानूनों के विरोध के दौरान जिले के तिकुनिया क्षेत्र में हिंसा हुई थी. इस हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी.

Advertisement

इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है. किसानों ने कहा कि वे धरना इसलिए दे रहे हैं क्योंकि उनकी मांगों के बावजूद सरकार ने अब तक अजय मिश्रा को बर्खास्त नहीं किया है. 

तिकुनिया कांड में बंद किसानों की रिहाई की मांग

किसान हिंसा के सिलसिले में जेल में बंद चार किसानों को रिहा करने की मांग भी कर रहे हैं. किसानों के मुताबिक तिकुनिया मामले में किसी भी किसान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का वादा करने के बावजूद पुलिस ने उनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक किसान नेता ने कहा,

“हम मांग करते हैं कि उन चार किसानों को रिहा किया जाए क्योंकि उन्होंने जो कदम उठाए वो आत्मरक्षा में थे क्योंकि हमलावर उन्हें मारने आए थे.”

Advertisement
एमएसपी पर कानून बनाने की मांग

किसान यह भी मांग कर रहे हैं कि यूपी सरकार पीड़ितों के परिवार के सदस्यों को नौकरी और तिकुनिया हिंसा में घायल हुए लोगों को आर्थिक मदद दे. रिपोर्ट के मुताबिक वे किसानों के हितों की रक्षा के लिए फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देने वाला कानून भी चाहते हैं.

लखीमपुर खीरी की सुरक्षा बढ़ाई गई

किसानों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अधिकारियों ने मंडी मैदान में भारी पुलिस बल तैनात किया है. आजतक के अभिषेक वर्मा के मुताबिक, लखीमपुर खीरी जिले के एसपी संजीव सुमन ने बताया कि मंडी परिसर में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन के चलते केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के घर और इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 

वीडियो- लखीमपुर खीरी हिंसा: अजय मिश्रा के इस विवादित बयान पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने क्या कहा?

Advertisement