PM मोदी ने मन की बात में 26 जनवरी की घटना का ज़िक्र किया था. अब इस पर राकेश टिकैत ने जवाब दिया है. (फाइल फोटो- PTI)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जनवरी, रविवार को ‘मन की बात’ की. 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के बीच दिल्ली में हिंसा और लाल किले की घटना पर PM ने कहा –
“दिल्ली में 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख देश बहुत दुखी हुआ.”
सुबह PM ने मन की बात की और दोपहर तक इस पर किसान नेताओं का जवाब भी आ गया. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा –
“तिरंगा सिर्फ प्रधानमंत्री का है क्या? सारा देश तिरंगे से प्यार करता है. जिसने तिरंगे का अपमान किया है, उसे पुलिस पकड़े.”
कृषि कानूनों को लेकर सरकार से बातचीत के मुद्दे पर टिकैत ने कहा कि किसान भी बातचीत चाहते हैं लेकिन बंदूक की नोक पर या प्रेशर डालकर बात नहीं हो सकती. किसान नेता ने कहा –
“हमारे जो लोग जेल में बंद हैं, वो रिहा हो जाएं तब बातचीत होगी. प्रधानमंत्री ने पहल की है और वे सरकार और हमारे बीच की एक कड़ी बने हैं. किसान की पगड़ी का भी सम्मान रहेगा और देश के प्रधानमंत्री का भी.”
इससे पहले 30 जनवरी को सर्वदलीय बैठक में भी PM मोदी ने किसान आंदोलन पर बात रखी थी. कहा था कि वे किसानो से ‘सिर्फ एक कॉल’ की दूरी पर हैं. बाद में संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसानों को कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर की तरफ से ऑफर दिया जा चुका है कि सरकार कानूनों को 18 महीने के लिए होल्ड पर रख सकती है. ये प्रस्ताव अब भी खुला है और PM मोदी ने भी कृषि मंत्री के इसी बयान को दोहराया है. इस पर टिकैत ने कहा था कि प्रधानमंत्री के बयान का धन्यवाद देते हैं. साथ ही अपील की थी कि सरकार सिंघु बॉर्डर हालात सामान्य कराए.
इससे पहले आंदोलन से लोगों को टूटने की ख़बर आने पर टिकैत ने कहा था किसी को हताश होने की ज़रूरत नहीं, किसान को कमजोर होने की ज़रूरत नहीं. षड्यंत्र था, उस षड्यंत्र से किसान निकल चुका है. एक षड्यंत्र था किसानों का मनोबल डाउन करने का. किसानों का मनोबल कम नहीं होगा किसान मजबूती के साथ लड़ेगा, किसान जीत के जाएगा किसान हार के नहीं जाएगा, किसान जीतेगा.