ये वो समय है जब वातावरण में ठंडक बढ़ने लगती है. मच्छर भी बढ़ने लगते हैं. त्यौहार भी बढ़ने लगे हैं. अच्छी वाली फिल्में भी आने लगती हैं. सुंदर लोकेशन पर फिल्माए गए कर्णप्रिय गाने बढ़ने लगते हैं, जिनको सुन लगता है एक बार फिर किसी पर क्रश आना चाहिए.
बात कहीं की कहीं जा रही है. मुद्दा ये है कि व्हाट्सएप पर एक फोटो धक्के खा रही है. फोटो फर्जी होगी आप ये जान चुके हैं. व्हाट्सएप पर आने वाली ज्यादातर फोटोज फर्जी होती हैं. व्हाट्सएप पर आने वाले ज्यादातर मैसेज फर्जी होते हैं. व्हाट्सएप ही सुसरा फर्जी है. व्हाट्सएप के ज्ञान पर भरोसा न किया करो. यही बात कहनी है. यही कहने के लिए ऐसे आर्टिकल लिखे जाते हैं. लोगों बता दो किस भाषा में कह दें कि आप ये मान लें कि व्हाट्सएप वाले फर्जीवाड़े पर भरोसा न किया करो.

अब मोदी जी के नाम से एक चिट्ठी टहिल रही है. लिखा है मेरे प्यारे इंडिया वासियों. आप सब इत्ता करें कि आने वाली दीवाली में अपने घरों में इंडिया में बने बम फटाके से लेकर मिठाई रोशनी लगायें. हमारा साथ दो हम वादा करते हैं. भारत को दुनिया में सबसे आगे ले जाएंगे. नीचे वंदेमातरम और सिग्नेचर.
लेकिन बात ये है कि न मोदी जी ने ऐसी कोई चिट्ठी लिखी. न ये फेसबुक पर है, न ट्विटर पर. न इन्स्टा पर. न उनकी वेबसाइट पर. न नरेंद्र मोदी डॉट इन पर. हमको इस संदेश से कोई दिक्कत नहीं है. जिसको स्वदेशी चीजों का प्रचार करना है करे. अच्छी बात है. अपने चीज का भला सबसे पहले होना चाहिए. हमारे लोगों के मेहनत को बाजार मिले. ये सबसे अच्छी और सबसे पहली चीज होनी ही चाहिए लेकिन प्लीज यार बड़े हो जाए. हर बात में मोदी न घुसा दिया करो. ये फर्जी मैसेज है. किसी ने खुद ही बना दिया है और मोदी के नाम पर फैला दिया.
यहां सुसरा कोई फर्जी फिशिंग वाला ऐप भी इंस्टाल कराता है तो मोदी के नाम पर. कोई सिम बेचता है मोदी के नाम पर. बचा बस ये है कि गन्ने के दुकान वाला लिख दे कि मोदी जी ने रिक्वेस्ट किया है हमारी दुकान से जूस पिया करो. इतना तो छोड़ दो अपने भाई को. काम कर लेने दो.