एक YouTuber ने लोगों के साथ मजाक किया. लेकिन ऐसा मजाक कि लोगों को पता ही नहीं चला कि उनके साथ क्या हो रहा है. YouTuber स्टेनली चेन (Stanley Chen) ने मजाक-मजाक में एक नकली रेस्टोरेंट खोला. और उसके मेन्यू में रखा, Fake Ramen. यानी कि पैक्ड रामेन (जापानी नूडल डिश), जिसे रेस्टोरेंट में नहीं बनाया जा रहा है. ‘रेडी टू कुक’ वाला लाया जा रहा है, बनाया जा रहा है और लोगों को बताया जा रहा है कि एक पुरानी रेसिपी से इस रामेन को पकाया गया है. आपको खाकर कैसा लगा, अपना अनुभव बताइए.
प्रैंक में नकली रेस्टोरेंट खोला, लोग समझे नहीं, खाने के लिए लंबी कतार लगी तो क्या हुआ?
YouTuber ने अपने रेस्टोरेंट का नाम Nise Jangara Ramen रखा. जापानी में "Nise" का मतलब "नकली" होता है. इसके बाद उन्होंने एक बेहतरीन वेबसाइट बनाई. खाने की चीज़ों की तस्वीरें लगाईं, ताकि लोगों को लगे कि सब असली है.


चेन ने अपने रेस्टोरेंट का नाम Nise Jangara Ramen रखा. जापानी में "Nise" का मतलब "नकली" होता है. इसके बाद उन्होंने एक बेहतरीन वेबसाइट बनाई. खाने की चीज़ों की तस्वीरें लगाईं, ताकि लोगों को लगे कि सब असली है. उन्होंने इन्फ्लुएंसर्स को ई-मेल भी भेजे. जिसमें उन्होंने कहा कि इन्फ्लुएंसर्स अगर रेस्टोरेंट के बारे में अपने फॉलोअर्स को बताएंगे तो उनके लिए रामेन फ्री है.
बस फिर क्या था, उनके नकली रेस्टोरेंट के बाहर लोगों की भीड़ लगने लगी. चेन ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने रामेन के 70 पैकेट, टेबल, कुर्सी और कुछ सामान खरीदे थे.
बाद में वो लोकेशन पर जाते हैं. 5-7 लोग मिलकर रेस्टोरेंट को सजाते हैं. काम करने लगते हैं. फिर आते हैं, लोग.
चेन अपनी टीम के साथ ‘पैक्ड रामेन’ बनाते हैं. इन्फ्लुएंसर्स खाते हैं और तारीफ करते हैं. कहते हैं कि ऐसा रामेन उन्होंने पहले कभी नहीं खाया. कुछ ने कहा कि ये बहुत ‘क्रीमी’ है. कुछ ने कहा कि इस रामेन में ‘ऑथेंटिक जापानी स्वाद’ आ रहा है. बात यहां तक आ जाती है कि वीडियो के अंत तक रामेन के पूरे 70 पैकेट खत्म हो जाते हैं.
और फिर, चेन को लाइन में लगे लोगों को मना करना पड़ता है.
वैसे इस वीडियो से एक सीख मिलती है. जैसे, इस वीडियो में कई इन्फ्लुएंसर्स खाना खाने आए. उन्होंने खाने की तारीफ की. जबकि खाने को चेन ने पानी में उबालकर ही दिया था. पैक्ड नूडल्स, जो हम घर पर भी बना सकते हैं. लेकिन सभी इन्फ्लुएंसर्स ने उसकी बहुत तारीफ की.
वीडियो से यह बात सामने आती है कि कई इन्फ्लुएंसर्स रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं. उनसे शायद पैसे भी चार्ज नहीं किए जाते हैं. वे लोग अपने सोशल मीडिया पर उस रेस्टोरेंट की तारीफ करते हैं. और हम जैसे लोग वहां खाना खाने चले जाते हैं. चाहे खाना कैसा भी हो. एक बार तो खाकर ही आते हैं.
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