चुनाव आयोग के अधिकारी नियमों को ताक पर रख होटल में EVM और VVPAT मशीनों के साथ रुके हुए थे.
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव हुए. इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसमें दिख रहा है कि एक होटल रूम में चुनाव आयोग के कुछ अधिकारियों ने दो EVM और VVPAT मशीनें रखी हुई हैं. आज तक से जुड़े स्थानीय पत्रकार मनोज पुरोहित ने ये स्टिंग किया और जब कैमरे पर इन अधिकारियों से पूछा कि ये मशीनें होटल रूम में क्यों हैं, तो जवाब मिला कि ये रिजर्व मशीनें हैं. जबकि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार चाहे मशीन खराब भी क्यों न हो, उसे चुनाव केंद्र से किसी भी प्राइवेट स्थान पर नहीं ले जाया जा सकता है.

मामला 27 नवंबर का है. यानी चुनाव से एक दिन पहले का. मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में शुजलपुल विधानसभा में ये ईवीएम मशीनें राजमहल होटल में पाई गईं जो बीजेपी से जुड़े एक स्थानीय नेता चरण सिंह चावड़ा का होटल है. अब जब ये वीडियो वायरल हो गया तो चुनाव आयोग ने सेक्टर ऑफिसर सोहन लाल बजाज, माइक्रो-ऑब्सर्वर एम विनोद कुमार और मेडिकल स्टाफ रईस मंसूरी को सस्पेंड कर दिया है. बाकियों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं. मध्यप्रदेश के चीफ इलेक्शन कमीशनर वीएल कांताराव ने कहा है कि इन अधिकारियों को ईवीएम मशीनों को होटल में नहीं ले जाना चाहिए था. वो सुबह जाकर मशीनें पोलिंग बूथ से ले सकते थे. अधिकारियों के होटल में रुकने से किसी नियम का उल्लंघन नहीं होता है मगर मशीनें अपनी सहूलियत के लिए होटल में ले जाना गलत था. चारों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही चुनाव से पहले पूरी पोलिंग पार्टी को भी बदल दिया गया था.
पत्रकार मनोज पुरोहित ने बताया कि उन्होंने इस होटल में सरकारी गाड़ी से आए 5 लोगों को होटल में दाखिल होते देखा. उनके हाथ में ये मशीनें थीं. शक हुआ तो खुद मनोज ने भी वहां एक कमरा बुक कर लिया. फिर वेटर बनकर उनके कमरे में दाखिल हुए और कैमरे पर इन अधिकारियों से ईवीएम मशीनों के बारे में पूछा तो वो भड़क गए. फिर जब कोई जवाब देते नहीं बना तो इन अधिकारियों ने रात को ही रूम खाली कर दिए. मनोज ने मामले की सूचना चुनाव आयोग और कलेक्टर को दी. तब असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO)और इलाके के थानेदार मौका पर पहुंचे और मशीनों को अपने कब्जे में लिया. चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि इंजीनियरों से इन मशीनों की तुरंत जांच करवाई गई और ये पाया कि इनके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है.
वेबसाइट न्यूजलाउंड्री के मुताबिक इलेक्शन कमीशन की टीम शुजलपुर विधानसभा में मेहरखेड़ी इलाके में चुनाव करवाने के लिए आई थी. उन्होंने इस होटल में रूम नंबर 103,122 और 113 बुक करवाए थे. यहां रुके हुए अधिकारियों में से एम विनोद कुमार ने न्यूजलाउंड्री को बताया कि उन्हें रात को जब मेहरखेड़ी में रुकने की जगह नहीं मिली तो वो इस होटल में आए थे. यहां उन्होंने रजिस्टर में अपनी पहचान और रुकने का मकसद चुनाव ड्यूटी बताया था. मगर मशीनों को इस तरह होटल रूम में ले आने पर इनके पास कोई जवाब नहीं था. अब मध्यप्रदेश में ये वीडियो ये कहकर वायरल किया जा रहा है कि बीजेपी ने ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ की है. जबकि छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है.
