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चुनाव आयोग ने कहा- सभी दल समय पर चुनाव चाहते हैं, अब बुजुर्ग-दिव्यांग घर पर ही वोट डालेंगे

चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों को लेकर काफी कुछ बोला है

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लखनऊ में हुई चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस (फोटो: आजतक)
चुनाव आयोग ने आज 30 दिसंबर को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के बारे में जानकारी दी गई. लखनऊ में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी दलों ने समय पर चुनाव कराने की मांग की है. यानी कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से अब चुनाव शायद ना टाला जाए. आयोग ने एक अहम जानकारी देते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में 80 साल से अधिक आयु के बजुर्ग, दिव्यांग और कोरोना से प्रभावित लोग जो मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते, अपने घर पर ही मतदान कर सकेंगे. आपको बता दें, अगले साल यानी 2022 की शुरुआत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. ये राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर हैं. राजनीतिक पार्टियों की तरफ से मिले सुझाव - सभी दलों की मांग है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय से चुनाव हों - रैलियों की संख्या और रैलियों में लोगों की संख्या सीमित रखी जाए - दिव्यांग और 80 साल से ज्यादा के बुजुर्ग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की सुविधा मिले - इनकी अलग पहचान वाली सूची भी जारी करने की मांग - रैलियों में नफरती भाषण पर भी कुछ दलों ने चिंता जताई - पोलिंग बूथ पर पर्याप्त संख्या में महिला बूथकर्मी की भी मांग की गई है इस बार चुनाव आयोग ने क्या सुधार किए हैं? - 80 वर्ष से अधिक उम्र के वोटर, दिव्यांग वोटर, कोविड संक्रमित वोटर के लिए घर से वोट डालने की सुविधा होगी - अन्य आईडी कार्ड से भी वोट डालने की सुविधा - मतदान का वक्त भी बढ़ाया जाएगा (सुबह 8 से शाम 6 बजे तक) - सभी बूथ पर EVM लगाई जाएगी - 400 मॉडल पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे. हर क्षेत्र में आदर्श पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे - यूपी में 800 महिला पोलिंग बूथ भी बनाए जाएंगे मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने और क्या बताया? लखनऊ में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने यह भी बताया कि कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए यूपी में पोलिंग बूथ की संख्या को 11 हजार तक बढ़ाया जाएगा. एक बूथ पर पहले 1500 वोट होते थे, जिन्हें घटाकर 1200 किया गया है. 18 से 19 साल के नए मतदाताओं की तादाद पिछले चुनाव से तीन गुना ज्यादा है. इसमें हजार पुरुष मतदाताओं में 839 महिलाओं का अनुपात अब 868 हो गया है. मतलब पांच लाख महिला मतदाता बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मकसद स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुरक्षित, प्रलोभन मुक्त कालाधन मुक्त चुनाव कराना है. उन्होंने जानकारी दी कि पांच जनवरी तक फाइनल मतदाता सूची जारी होगी, लेकिन नामांकन के आखिरी दिन तक भी अतिरिक्त सूची बन सकेगी.

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