दुबई में 7 जून, 2019 को एक भयानक बस हादसे में 17 लोगों की मौत हुई थी. मरने वालों में 12 भारतीय नागरिक थे. वहीं 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. उन्हीं में शामिल थे मोहम्मद बेग मिर्जा. हादसे की वजह से उनके ब्रेन का आधा हिस्सा परमानेंट डैमेज हो गया था. तब से मोहम्मद दुबई की अदालत में मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे थे. करीब चार साल बाद उन्हें इस लड़ाई में जीत मिली है. खबर है कि कोर्ट ने मोहम्मद बेग मिर्जा को 50 लाख दिरहम, यानी 11 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
बस एक्सीडेंट में मोहम्मद मिर्जा का ब्रेन डैमेज हुआ था, कोर्ट ने 11 करोड़ का मुआवजा दिलवाया
डॉक्टर ने कहा था कभी नॉर्मल लाइफ नहीं जी पाओगे.


समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से छपी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक UAE के सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद बेग के पक्ष में ये फैसला दिया है. बताया गया कि साल 2019 के दौरान मोहम्मद बेग दुबई में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे. घटना के वक्त वो ओमान से दुबई आ रहे थे. उसी दौरान उनकी बस दुर्घटना का शिकार हो गई थी. बस मेट्रो स्टेशन की पार्किंग के पास एक बैरियर से टकरा गई थी. इस हादसे के लिए बस ड्राइवर को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे 7 साल की सजा सुनाई गई थी.
#कोर्ट में जीता केसघटना के बाद पीड़ित परिवारों को 34 लाख दिरहम (करीब 7.5 करोड़ रुपये) मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया गया था. मिर्जा के वकील के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात की इंश्योरेंस अथॉरिटी ने युवक को मुआवजे के तौर पर 10 लाख दिरहम ही दिए. उसके बाद उन्होंने UAE की सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की. सुनवाई के बाद उन्हें 11 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया गया.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2019 में बेग मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अपने डिप्लोमा के हिस्से के रूप में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. लेकिन इस दुर्घटना के कारण वो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके. हादसे में उनके माथे में गंभीर चोट लगी थी. शरीर के बाकी हिस्सों में भी गहरी चोटें आई थीं. इलाज के दौरान डॉक्टर ने बेग से कह दिया था का उनके नॉर्मल लाइफ में लौटने की संभावना काफी कम है.
रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे के बाद मिर्जा हॉस्पिटल में लगभग दो महीने तक भर्ती रहे थे. वो 14 दिनों तक बेहोश रहे थे. बाद में उन्होंने लंबा वक्त रिहैबिलिटेशन सेंटर में भी गुजारा था.
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