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पीएम मोदी के 'आदर्श गांव' के सपने पर सांसद इस तरह पानी फेर रहे हैं

हम नहीं, ये बात खुद सरकार कह रही है.

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पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2014 के दिन लाल किले से योजना की घोषणा की थी. प्रतीकात्मक तस्वीर- PTI.

15 अगस्त 2014. इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम के तौर पर पहली बार लाल किले से भाषण दिया था. देश को बहुत सारे प्यारे-प्यारे सपने दिखाए थे. एक योजना का ऐलान भी किया था. नाम था- सांसद आदर्श ग्राम योजना. शॉर्ट में SAGY. पीएम ने राज्यसभा सांसदों से भी अपील की थी कि वो एक-एक गांव को एडॉप्ट करें और उसे आदर्श बनाने का काम करें. कहा था,

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'अपने संसदीय क्षेत्र के किसी एक गांव को 2016 तक आदर्श गांव बनाइए. 2016 के बाद, ऐसे दो और गांव चुनिए. 2019 के बाद कम से कम 5 गांव चुनिए. अगर हम देश के हर एक ज़िले को एक आदर्श गांव देंगे, तो आस-पास के गांव अपने-आप उससे प्रेरणा लेंगे और आदर्श बनने के कदम को फॉलो करेंगे.'

इस योजना को लॉन्च हुए पांच साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. इसका चौथा फेज चल रहा है और ये योजना मंद पड़ती भी नजर आने लगी है. क्योंकि चौथे फेज में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 252 सांसदों ने ही अभी तक ग्राम पंचायतों का चयन किया है. इनमें 208 सांसद लोकसभा के हैं और 44 सांसद राज्यसभा के हैं. बहुत से सांसद अभी तक निष्क्रिय ही बैठे हैं.

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लोकसभा सांसदों की कुल संख्या 545 है. इनमें से 543 इलेक्टेड हैं और 2 नॉमिनेटेड हैं. उसी तरह राज्यसभा में कुल सांसदों की संख्या 245 है, इनमें 12 नोमिनेटेड हैं. लेकिन इस वक्त राज्यसभा में पांच सांसदों की सीटें खाली हैं. कुल सांसदों की संख्या वर्तमान में 240 है. 17 वीं लोकसभा बने हुए 6 महीने हो चुके हैं. लेकिन अभी तक सदन के दो-तिहाई सांसदों को ग्राम पंचायतों का चयन करना बाकी है.


Adarsh Gram Yojana
खेत में काम करता किसान. फोटो- PTI.

ये योजना मंद पड़ती दिख रही है. इस तरह की धीमी गति केवल चौथे फेज में ही नहीं दिखी, बल्कि पिछले तीन चरणों का हाल भी कुछ इस तरह का ही था. ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट में SAGY
की जानकारी है, जिसमें 1 जनवरी 2020 तक का आंकड़ा दिया गया है. उस आंकड़े के मुताबिक-

पहले चरण में केवल 703 सांसदों ने इस योजना में पार्टिसिपेट किया था. इनमें से 500 लोकसभा के थे और 203 राज्यसभा के. SAGY के दूसरे फेज में केवल 497 सांसदों ने ही ग्राम पंचायतों का चयन किया था. इनमें से 364 लोकसभा सांसद थे और 133 राज्यसभा सांसद थे. तीसरे फेज में 301 सांसदों ने हिस्सा लिया था. इनमें से 239 लोकसभा और 62 राज्यसभा सांसद थे. चौथे में ये 252 हो गए.

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5 दिसंबर 2019 को पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमिटी ने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था,

'SAGY के पीछे ये मकसद था कि सारी योजनाएं इन गांवों में अच्छे से लागू करवाई जाए. सभी योजनाओं का क्रियान्वयन अच्छे से हो. हालांकि, सांसदों को जिस तरह की गंभीरता दिखानी चाहिए थी, वैसी गंभीरता नहीं दिख रही.'

अभी तक SAGY के तहत चारों चरणों में कुल 1,753 ग्राम पंचायतों का ही चयन हो सका है.



वीडियो देखें:

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