जंग रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप जितने 'डेडिकेटेड' हैं उतना और कौन होगा? इसके लिए पहले तो वो जंग छेड़ते हैं. फिर युद्ध रोकने वाले ‘समझौते का कागज’ लेकर सोशल मीडिया पर ‘गाल बजाते’ हैं. दुनिया भर में 8 युद्ध रुकवाने का दावा करते-करते उन्होंने 28 फरवरी को ईरान से युद्ध का पंगा ले लिया.
होर्मुज की 'हड्डी' ट्रंप के गले में फंसी, बिना खुलवाए ही युद्ध खत्म कर सकते हैं: रिपोर्ट
न तो होर्मुज (Hormuz Strait) खुल रहा है. न जंग रुक रही है. ईरान के पावर प्लांट पर हमले की धमकी भी काम नहीं आई. अब खबर है कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह होर्मुज खुलवाए बिना भी युद्ध खत्म करने के लिए तैयार हैं.


ट्रं मानकर चल रहे थे कि ज्यादा से ज्यादा 2-4 हफ्तों में जंग निपट जाएगी. लेकिन इस बार गले में हड्डी ऐसी फंस गई कि न उगलते बन रही है, न निगलते. ईरान ने समुंदर के उस रास्ते होर्मुज (Strait of Hormuz) पर ‘रस्सी’ बांध दी, जहां से दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई होती है. इस रास्ते को खुलवाने के लिए ट्रंप एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं लेकिन ईरान भी टस से मस नहीं हो रहा.
न तो होर्मुज खुल रहा है. न जंग रुक रही है. ईरान के पावर प्लांट पर हमले की धमकी भी काम नहीं आई. और अब खबर है कि ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कथित तौर पर कहा है कि वह होर्मुज खुलवाए बिना भी युद्ध खत्म करने के लिए तैयार हैं.
इस खबर के आने के बाद अब ईरान वो वाला गाना गा सकता है कि ‘झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए’. क्योंकि सुबह तक जो ट्रंप ईरान को धमकी दे रहे थे कि अगर वो ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोलता है तो उसके कई जरूरी एनर्जी प्लांट तबाह कर दिए जाएंगे. वही ट्रंप शाम को कह रहे हैं कि होर्मुज खुले या न खुले. पहले ये युद्ध खत्म करो.
इसे ईरान के प्रति ट्रंप के नरम रुख का इशारा माना जा रहा है. 31 दिनों तक लगातार हमलों और बड़ी-बड़ी धमकियों के बाद भी ईरान झुकने को तैयार नहीं है. वॉलस्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के हवाले से टीओआई ने बताया कि हाल के दिनों में ट्रंप और उनकी टीम को ये एहसास हुआ कि अगर होर्मुज खुलवाने के लिए कोई ऑपरेशन किया जाता है तो युद्ध 4 से 6 हफ्ते लंबा खिंच जाएगा.
ऐसे में ट्रंप ने अपनी रणनीति बदली है. उन्होंने तय किया है कि पहले ईरान की नेवी और मिसाइल भंडाल को कमजोर किया जाएगा. इसके बाद धीरे-धीरे सीधी लड़ाई कम की जाएगी और तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाया जाएगा कि वो होर्मुज का रास्ता खोले.
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये कोशिशें काम नहीं करती हैं तो अमेरिका अपने यूरोप और खाड़ी देशों के सहयोगियों से कह सकता है कि वो आगे बढ़कर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की जिम्मेदारी लें. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने भी संकेत दिया कि खाड़ी देशों से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान का बोझ बांटने के लिए कहा जा सकता है. ट्रंप इस ऑप्शन पर गंभीरता से सोच सकते हैं.
वीडियो: स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से फोकस हटाकर ट्रंप जंग रोकने की बात क्यों करने लगे?

















