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मीडिया को पीटने वाले ट्रंप के वीडियो की असल कहानी ये है

दुनिया का सबसे ताकतवर नेता सड़कछाप गुंडों की तरह झगड़ रहा है.

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WWE में मैक्मोहन को पीटते ट्रंप, जिनके चेहरे पर CNN का लोगो लगा दिया गया

फुल टाइम बिजनेसमैन और पार्ट टाइम प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप इनोवेशन (भारतीय समर्थक 'नवाचार' पढ़ें) के प्रतीक हैं. उनके पास सैकड़ों किमी लंबी दीवार को 'सोलर वॉल' बनाने का विजन है. वो आर्च-राइवल रूस के साथ रिश्तों में जमी बर्फ को ग्लास में घोलकर पी सकते हैं. वर्ल्ड लीडरशिप से वजाइना तक करीब 72 ऐसे टॉपिक हैं, जिन्हें ट्रंप से बेहतर कोई नहीं समझता. अब उन्होंने एक नज़ीर पेश करते हुए दिखाया है कि एक 'मॉडर्न डे प्रेसिडेंट' सोशल मीडिया कैसे इस्तेमाल करता है.

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2 जुलाई की सुबह डॉनल्ड ट्रंप ने 28 सेकेंड का एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें वो WWE के स्टेडियम में एक व्यक्ति को पीट रहे हैं, जिसके चेहरे की जगह CNN का लोगो लगाया गया है. CNN अमेरिकी न्यूज चैनल है, जिसकी पत्रकारिता से ट्रंप बौखलाए हुए हैं.

 
पहले तो इस वीडियो का इतिहास जानिए   ट्रंप का पोस्ट किया ये वीडियो WWE का है, जहां अप्रैल 2007 में दो बिलियनियर्स- डॉनल्ड ट्रंप और WWE के चेयरमैन विन्स मैक्मोहन की लड़ाई हुई थी. दोनों ने एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, जिसके मुताबिक दोनों अपना-अपना पहलवान खड़ा करेंगे और जिसका खिलाड़ी हारेगा, उसके बाल मूंड़ दिए जाएंगे. इस मैच के लिए रेसलर स्टीव ऑस्टिन उर्फ स्टोन कोल्ड को रेफरी बनाकर ट्रंप ने ट्रंप कार्ड खेला था. ये है उस कॉन्ट्रैक्ट साइनिंग की क्लिप.  
मैच में मैक्मोहन ने उमागा और ट्रंप ने बॉबी लैशली को उतारा. ये सब स्वांग था, क्योंकि रेफरी स्टीव ट्रंप को जिताने के लिए ही अखाड़े में थे. मैच के बीच में ट्रंप ने अखाड़े के बाहर घूम रहे मैक्मोहन को पीटा था. ये उनकी हिंसक प्रवृत्ति की पहली झलक थी. जब बॉबी मैच जीते, तो ट्रंप ने बॉबी और स्टीव के साथ मिलकर मैक्मोहन के बाल मूंड़ दिए थे. इसका वीडियो ट्रंप की कैंपेनिंग के दिनों में खूब वायरल हुआ था.
CNN को पीटने वाला जो वीडियो ट्रंप ने अब पोस्ट किया है, वो मैक्मोहन को पीटने वाला ही है. ये सबसे खतरनाक है, क्योंकि ट्रंप जर्नलिज्म और जर्नलिस्ट्स के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं. वो लंबे समय से CNN को 'फेक न्यूज' देने वाला मीडिया कह रहे हैं, जो 'कचरा पत्रकारिता' करता है. उनकी मौखिक हिंसा का नतीजा प्रेसिडेंट इलेक्शन के समय ही दिखने लगा था, जब ट्रंप-सपोटर्स ने CNN के जर्नलिस्ट्स को डराया-धमकाया था.   और जो बात इस वीडियो से भी खतरनाक है   वो ये कि व्हाइट हाउस में बैठे लोग और ट्रंप-सपोटर्स पूरी बेहयाई से इस वीडियो को सपोर्ट कर रहे हैं. उनके मुताबिक ट्रंप ने मीडिया पर सटीक, लेकिन अहिंसक निशाना साधा है. कुछ ने ये भी कहा कि जर्नलिस्ट्स इतने आत्म-मुग्ध हो गए हैं कि व्यंग्य सहन नहीं कर पा रहे हैं.
CNN (केबल न्यूज नेटवर्क) को ट्रंप फ्रॉड न्यूज नेटवर्क मानते हैं
CNN (केबल न्यूज नेटवर्क) को ट्रंप फ्रॉड न्यूज नेटवर्क मानते हैं

  पर उस दिन पीटे तो ट्रंप भी गए थे   मैक्मोहन के बाल मूंड़ने के बाद जब ट्रंप अखाड़े में घूम रहे थे, तो स्टीव ऑस्टिन बियर पीते हुए जश्न मना रहे थे. तभी स्टीव ट्रंप के पास आए और उन्हें अपने सिग्नेचर मूव से पटक दिया. ये पहले से तय था. इसका आइडिया खुद ऑस्टिन और मैक्मोहन ने ट्रंप को दिया था. उमागा और बॉबी के मैच से 15 मिनट पहले तीनों के बीच तय हुआ कि मैच के आखिर में स्टीव ट्रंप को पटकेंगे. जाहिर है, इसमें ट्रंप को चोट नहीं लगनी थी. 80 हजार लोगों के सामने ये नौटंकी करने के लिए ट्रंप तुरंत मान गए थे.
WWE और ट्रंप का रिश्ता जितना पुराना है, शाय उतना ही करप्ट भी 2013 में ट्रंप को WWE के हाल ऑफ फेम में जगह दी गई थी. उस सेरेमनी में विन्स मैक्मोहन ने ट्रंप को 'रेसलमेनिया इंस्टीट्यूशन' बताया था. राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने मैक्मोहन की पत्नी लिंडा को फेडरल स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन का हेड बनाया है. लिंडा ने इससे पहले ट्रंप का प्रचार करने वाली कमेटी को 60 लाख डॉलर डोनेट किए थे. खुद ट्रंप और मैक्मोहन का रिश्ता 20 साल से ज्यादा पुराना है. अटलांटिक सिटी के ट्रंप प्लाजा होटल में 1988 और 1989 के रेसलमेनिया इवेंट भी होस्ट किए गए थे.
वाइट हाउस में लिंडा और विन्स मैन्मोहन के साथ डॉनल्ड ट्रंप
वाइट हाउस में लिंडा और विन्स मैन्मोहन के साथ डॉनल्ड ट्रंप

कैंपेनिंग के दिनों से मीडिया को निशाना बना रहे ट्रंप अब इतना क्यों भड़के हैं क्योंकि FBI ट्रंप के रूस के साथ कनेक्शन की गहनता से जांच कर रही है और मीडिया भी इसे तवज्जो दे रहा है. ट्रंप पर चुनाव जीतने के लिए रूस की मदद लेने का आरोप है, जिस पर ट्रंप कहते हैं, 'फर्जी मीडिया हमें चुप कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. लोग सच जानते हैं. फर्जी मीडिया ने मुझे वाइट हाउस पहुंचने से रोकने की कोशिश की, लेकिन मैं प्रेसिडेंट हूं और वो नहीं हैं.'   trump
  ट्रंप के समर्थक कहते हैं कि ट्रंप मानते हैं कि मीडिया का कवरेज बेईमानी भरा है और उन्हें अपनी बात के लिए लड़ने का पूरा अधिकार है. इसके लिए ऐसे ट्वीट्स भी सही हैं. इसमें कुछ गलत नहीं है. वहीं CNN ने ट्रंप के ट्वीट पर कहा, 'ये दुख भरा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति रिपोर्टर्स के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं. उनका बचपने भरा बर्ताव उनके ऑफिस की प्रतिष्ठा के सामने गिरा हुआ है.' CNN का स्टेटमेंट:        

 
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