अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 'इंडियंन' शब्द पर बयान देकर हलचल मचा दी है. उन्होंने गुरुवार, 27 नवंबर को दावा किया कि अब 'इंडियन' शब्द का इस्तेमाल करने की 'इजाजत नहीं है'. ट्रंप के मुंह से ऐसे बोल सुनकर भारतीयों के मन में सवाल उठना तय है. लेकिन भारतीयों को ट्रंप के इस बयान पर ज्यादा ‘सीरियस’ होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये बयान हिंदुस्तानी नहीं बल्कि मूल अमेरिकियों के लिए था.
'इंडियन शब्द बोलने की इजाजत नहीं,' ट्रंप के बयान का वो मतलब नहीं है जो आप समझ रहे हैं!
1993 में कांग्रेस में भी Donald Trump ने कुछ नेटिव जनजातियों पर टिप्पणी की थी कि वे 'Indians जैसे नहीं दिखते'. उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि उनमें शायद खुद उनसे ज्यादा 'इंडियन खून' है.


दरअसल, अमेरिका में 'इंडियन' शब्द नेटिव अमेरिकन समुदाय के लिए इस्तेमाल होता रहा है. इतिहास में यह शब्द तब पड़ा था जब इटली के मशहूर नाविक और खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस ने 1492 में गलती से अमेरिका की खोज की थी. उन्होंने सोचा था कि वे इंडिया पहुंच गए हैं, जबकि वे अमेरिका पहुंचे थे. इसलिए वहां के मूल निवासियों को गलतफहमी में 'इंडियन' या 'रेड इंडियन' कह दिया गया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा,
"अब 'इंडियन' शब्द बोलने की इजाजत नहीं है, लेकिन असल 'इंडियन' ही चाहते हैं कि इसे बोला जाए. मैं आपको कभी बदलने के लिए नहीं कहूंगा."
अब अमेरिका में कई लोग मानते हैं कि 'इंडियन' शब्द पुराना हो चुका है या नस्लभेद से जुड़ा हुआ है. इसी वजह से कई संगठन इसे हटाने की मांग करते रहे हैं. वहीं कुछ नेटिव लोग आज भी इसे इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं मानते.
ट्रंप का नेटिव अमेरिकियों के साथ पुराना विवाद भी रहा है. इस साल अप्रैल में उन्होंने वॉशिंगटन की NFL टीम का नाम फिर से 'रेडस्किन्स' (Redskins) रखने का दबाव बनाया. 2020 में इस शब्द के नस्लभेदी होने की शिकायतों पर इसका नाम बदला गया था. ट्रप ने धमकी दी थी कि अगर टीम पुराना नाम वापस नहीं लाती, तो वे वाशिंगटन डीसी में नई स्टेडियम डील मंजूर नहीं करेंगे.
इसी तरह उन्होंने 'क्लीवलैंड गार्डियंस' (Cleveland Guardians) टीम से भी कहा कि वे फिर से 'इंडियंस' नाम अपनाएं. उन्होंने दावा किया था कि 'इंडियन लोग' यही चाहते हैं कि गार्डियंस दोबारा इंडियन होने चाहिए.
हालांकि, कई नेटिव संस्थाओं ने इसे गलत बताया और कहा कि ऐसे नाम और मैस्कॉट्स उन्हें कार्टून जैसा दिखाते हैं और उनकी असली संस्कृति की इज्जत नहीं करते. वहीं, नेटिव अमेरिकन गार्डियंस एसोसिएशन जैसी संस्थाएं ट्रंप की बात का समर्थन करती हैं.
इंडियंस को लेकर ट्रंप का यह विवाद कोई नया नहीं है. 1993 में कांग्रेस कार्रवाई के दौरान भी ट्रंप ने कुछ नेटिव जनजातियों पर टिप्पणी की थी कि वे 'इंडियन जैसे नहीं दिखते'. उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि उनमें शायद खुद उनसे ज्यादा 'इंडियन खून' है.
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