The Lallantop

'अगर चीन ने ऐसा किया, तो उसके लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी,' ट्रंप नें क्यों दी वॉर्निंग?

Donlad Trump ने China को ऐसे समय पर वॉर्निंग दी, जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही थी. पत्रकारों के कौन से सवाल पर ट्रंप ने चीन को सीधी चेतावनी दे डाली? यहां पढ़ें.

Advertisement
post-main-image
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (बाएं) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (दाएं). (Reuters)

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर चीन ने ईरान को हथियार भेजे, तो चीन को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप का यह बयान उस समय आया, जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच नेगोशिएशन चल रही थी. रविवार, 12 अप्रैल को ट्रंप ने वाइट हाउस से मियामी जाने से पहले चीन को यह वॉर्निंग दी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

अमेरिकी न्यूज चैनल CNN ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका के इंटेलिजेंस एसेसमेंट की मानें, तो ईरान को आने वाले कुछ हफ्तों में चीन से नए एयर डिफेंस सिस्टम मिल सकते हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि चीन इन हथियारों की आपूर्ति को तीसरे देश के जरिए भेजने की कोशिश कर रहा है, ताकि इसका सोर्स छिपाया जा सके.

डॉनल्ड ट्रंप से इसी रिपोर्ट को लेकर पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा,

Advertisement

"अगर चीन ऐसा करता है, तो चीन को बड़ी समस्याएं आ सकती हैं."

ट्रंप ने यह नहीं बताया कि चीन को किस तरह की दिक्कतें आ सकती हैं. ईरान को हथियार देने की तैयारी का आरोप लगा, तो चीन भी एक्टिव हो गया. उसने इन आरोपों का सख्त विरोध किया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा,

"बीजिंग ने कभी भी किसी संघर्ष में किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं."

Advertisement

चीन ने अमेरिका से कहा कि वो "बिना किसी आधार के आरोप लगाने और सनसनी फैलाने से बचे."

ईरान को चीन से भेजी गई कोई भी सैन्य मदद वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ा सकती है. डॉनल्ड ट्रंप की चेतावनी इसलिए भी अहम है, क्योंकि कई बार टालने के बावजूद ट्रंप अगले महीने चीन जा रहे हैं. ईरान पर पश्चिमी देशों ने कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं. ऐसे में चीन और रूस, के बड़े रणनीतिक और सैन्य साझेदार बने हुए हैं. इन दोनों देशों की मदद से ईरान अपनी डिफेंस को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को चीन से जो हथियार मिल सकते हैं, उनमें कंधे पर रखकर चलाए जाने वाले एंटी-एयर मिसाइल सिस्टम (MANPADS) शामिल हो सकते हैं. ईरान इनका इस्तेमाल कम ऊंचाई पर उड़ने वाले अमेरिकी प्लेन को निशाना बनाने के लिए कर सकता है. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने पहले भी ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल किया है, खासकर हालिया संघर्ष के दौरान.

वीडियो: Iran-US Peace Talks में इजरायल का क्या रोल है?

Advertisement