ये मैं नहीं करता, लेकिन ये लो...
आज हाल ऐसे बन गए हैं कि खुद को भारत का नागरिक होने का सुबूत देना पड़ रहा है. इतनी नफरत मत फैलाइए.
हवा में तीर नहीं चलाते, इधर उधर हो जाते हैं.
आओ पढ़ लो मेरा प्लैटिनम सर्टिफिकेट
'इस महान देश को बनाने में आपके सहयोग को पहचान देते हुए'
ट्विटर पर बैठकर खुद को देशभक्त बोलने वाले अपने आप देशभक्त नहीं बन जाते. उसके लिए काम करना पड़ता है.
यह साबित किया जाता है कि दलजीत सिंह (पैन नंबर: इसे छुपा दिया गया है) ने वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए टैक्स भरा है और रिटर्न फ़ाइल किया है. हम करदाता की प्रशंसा करते हैं, और इस महान देश को बनाने में उनके योगदान को पहचानते हुए उन्हें प्लैटिनम कैटेगरी में रखते हैं.ये टैक्स पेमेंट कैटेगरी कौन-सी बला है? हर साल आप टैक्स देते हैं. इनकम टैक्स रिटर्न भी फ़ाइल करते हैं. अब भारत का जो वित्त मंत्रालय है, वो टैक्स देने वाले नागरिकों को सर्टिफिकेट देता है. तारीफ में. इसकी चार कैटेगरी हैं. एक वित्त वर्ष में जिसने भी टैक्स भरा है, उसके टैक्स अमाउंट के हिसाब से ये सर्टिफिकेट दिया जाता है. जैसे:
दिलजीत ने यही सर्टिफिकेट ट्वीट किया है.
एक लाख से दस लाख तक टैक्स भरने पर - ब्रौन्ज़ सर्टिफिकेट
दस लाख से पचास लाख तक – सिल्वर सर्टिफिकेट
पचास लाख से एक करोड़ तक – गोल्ड सर्टिफिकेट
एक करोड़ से ऊपर – प्लैटिनम सर्टिफिकेट
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेज़ (CBDT) ये सर्टिफिकेट भेजता है. साल 2016 से ही ये सर्टिफिकेट भेजे जा रहे हैं. CBDT के मुताबिक़, ये सरकार द्वारा टैक्सपेयर के साथ सीधा संपर्क साधने और उनके योगदान की सराहना करने की कोशिश है. दिलजीत या दलजीत? इस लिस्ट के हिसाब से दिलजीत दोसांझ ने एक करोड़ से ज्यादा का टैक्स भरा है. उनके इस ट्वीट को लेकर भी कुछ लोगों ने दिलजीत को घेरा, क्योंकि सर्टिफिकेट में उनका नाम दलजीत लिखा हुआ है. एक यूजर ने ट्वीट किया:
आपका असली नाम क्या है? ये फ्रॉड हो सकता है. नाम पैन कार्ड में अलग नहीं हो सकता.
आपको एक्सप्लेनेशन और सुबूत देने की ज़रूरत नहीं है दिलजीत जी. लेकिन हां समझ सकते हैं आपको कितना हर्ट होता होगा.

























