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पुलिस ने इस गिरोह के पास से 2000 रुपए के 105 नकली नोट पकड़े हैं. इनके पास से 2 लाख 22 हजार 310 रुपए के नकली नोट मिले हैं, जिनमें से 2 लाख 10 हजार के नोट केवल 2000 के हैं. पुलिस ने दो कलर जेरॉक्स मशीनें भी जब्त कीं. राचाकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश भागवत ने बताया कि "इस गैंग के लोग पहले हजार, पांच सौ और दूसरे नकली नोट छापते थे और पर नोटबंदी के बाद से मार्केट में आए 2000 रुपए के नकली नोट छापने लगे."

पुलिस कस्टडी में नकली नोटों के गुर्गे
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक गैंग के लोग 2000 के नकली नोटों को मार्केट में खपाने के फिराक में थे. गैंग का मुखिया 28 साल का एक कसाई है, जिसका नाम जमालपुर साईनाथ है. साईनाथ नकली नोटों का गोरखधंधा जी अनजैया, सी सत्यनारायण, के श्रीधर गौड़, एस रमेश और ए विजय कुमार के साथ मिलकर करता था.
किसी मुखबिर से खबर मिलने के बाद पुलिस ने रमेश के घर छापा मारा और नकली नोटों के साथ 6 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि दो गुर्गे कल्याण और श्रीनाथ फरार हो गए. कमिश्नर ने बताया कि लोग आसानी से नकली नोट पहचान सकते हैं. इसके लिए नए नोटों की कुछ बारीकियों को ध्यान से देखना पड़ेगा, जैसे नोट के बीच वाला धागा, नोट का कलर, नेत्रहीनों वाला निशान और गांधी वाटरमार्क.














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