हे 'जय' वाली माता, तुम जहां कहीं भी हो. प्लीज अपने सो कॉल्ड 'भक्त' बच्चों को समझा लो. ये अब कुछ ज्यादा बिगड़ने लगे हैं. कोई कहता है भारत माता की जय बोलो. कोई कहता है कि जय माता की बोलो. हमारा मन है कि हम अपने मन से जय माता बोलें. या सिर्फ प्यारी अम्मी, मां बोलें.
'जय' वाली माता, दिल्ली में तुम्हारे नाम पर 26 मार्च को मदरसे के तीन बच्चे पीट दिए गए. हाथ तोड़ दिए. कसूर सिर्फ इतना कि वो पार्क में खेल रहे थे. कुछ गुंडे टाइप लोग आए. बोले- जय माता की बोलो, वरना मारेंगे. मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों ने मना कर दिया. बस फिर क्या था, तुम्हारी जय बुलवाने की ख्वाहिश रखने वाले गुंडे बच्चों को पीटने लगे. दिलकश नाम के लड़के का तो हाथ ही टूट गया. हे माता, तीनों लड़के दिलशान, अजमल और नईम दुखी हैं. बोले:
दिलशान: गुंडों ने हमें हमारी टोपी की वजह से पहचान लिया था. वो हमारी तरफ आए. बोले- अगर तुमने जय माता की और जय भारत नहीं बोला, तो हम तुम्हें मार देंगे. लेकिन जब हमने ऐसा नहीं किया तो उन्होंने हमें मारना शुरू कर दिया. https://twitter.com/ANI_news/status/715023974854471680
मोहम्मद अजमल: उन्होंने हमें बोलने का मौका नहीं दिया. उन्होंने बस हमें पीटा. हमने बाद में अपने टीचर्स को बुलाया, जिसके बाद पुलिस में शिकायत की गई. पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है. आरोपी लड़के के चाचा ने कहा, नारे लगाने को लेकर कोई लड़ाई नहीं हुई, क्रिकेट खेलने को लेकर बहस हुई थी बस. https://twitter.com/ANI_news/status/715049378675892225 द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, ये तीनों स्टूडेंट मदरसे से 300 मीटर की दूरी पर एक पार्क में खेल रहे थे. तब कुछ लोगों ने ये अटैक किया. पुलिस ने केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है. तीनों लड़के बिहार के पूर्णिया के रहने वाले हैं. रमेश एनक्लेव के फैज-उल-गौसिया मदरसे में पढ़ते हैं.
हे माता, छात्रों के इस आरोप को प्लीज सीरियसली लीजिए. और ये जो भी लोग हैं, जो आपकी जय बुलवाने के लिए इंसानों के साथ तोड़फोड़ मचाए हुए हैं, उन्हें रोक दो. ताकि आपकी जय दिल से निकले. जबरन बुलवानी न पड़े. प्लीज. तुम्हें जय का वास्ता.